कांग्रेसी नेताओं के गैर-जिम्मेदाराना बयानों से लगातार हो रही फजीहत

बेंगलुरू। जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर बुरी तरह बौखलाए पाकिस्तान के लिए आजकल भारत के बड़बोले कांग्रेसी नेताओं के बयान मददकारी साबित हो रहे हैं। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35 ए हटाने के बाद सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बाद पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सियासत के लिए 15 प्रतिनिधि मंडल के साथ कश्मीर घाटी का दौरान करने पहुंचे थे, लेकिन उनके इरादों को भांप कर प्रशासन ने उन्हें एयरपोर्ट से ही वापस भेज दिया गया था।

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दरअसल, जम्मू-कश्मीर से विशेष दर्जा छिनने के बाद घाटी में पहुंचे राहुल गांधी और 15 प्रतिनिधि मंडलों को जब कश्मीर घाटी में नहीं घुसने दिया गया तब एयरपोर्ट से बैरंग वापस लौटने से खार खाए राहुल गांधी ने एक वीडियो बयान कर कहा था कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर में हालात बहुते बुरे हैं, जिसे हाथों-हाथ लपकते हुए युनाइटेड नेशन्स में राहुल गांधी के बयान को शब्दशः भारत के खिलाफ इस्तेमाल किया।

राहुल गांधी के बयानों से अतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत सरकार को फजीहत का सामना करना पड़ा, जिससे उबरने के लिए भारतीय विदेश मंत्रालय को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। अभी भारतीय विदेश मंत्रालय राहुल गांधी के बयानों से उबरा ही था कि अब पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने पूर्व गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे द्वारा दिया उक्त बयान को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में इस्तेमाल किया है, जिसमें पूर्व गृहमंत्री ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक को भारत में आंतक की फैक्टरी तैयार करने वाला एक संगठन करार दिया था। अपने संबोधन में इमरान खान ने संघ की तुलना हिटलर और मुसोलिनी के राजनीतिक दलों से की है।

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गौरतलब है वर्ष 2013 में तत्कालीन गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा था कि उनके पास इस बात की रिपोर्ट है कि बीजेपी और संघ के ट्रेनिंग कैंप में हिंदू आतंकवाद की ट्रेनिंग दी जाती है। हालांकि कुछ ही घंटे बाद ही शिंदे अपनी बात से पलट गए थे। इसके बाद शिंदे सफाई देते हुए कह दिया कि उन्होंने हिंदू आतंकवाद नहीं बल्कि भगवा आतंकवाद कहा था। यह अलग बात है कि मालेगांव विस्फोट में जिस भगवा और हिंदू आतंकवाद का जिक्र कांग्रेस और पूर्व गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे कर रहे थे, बिना किसी ठोस आधार पर गढ़े गए ऐसे तर्क अदालत में धाराशाई हो गए थे।

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पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने पहले संबोधन के दौरान कश्मीर मुद्दा उठाते हुए कहा कि भारत को कश्मीर में अमानवीय कर्फ्यू हटाना चाहिए और सभी बंदियों को रिहा करना चाहिए। इमरान खान का पूरा भाषण मुख्य रूप से इस्लामोफोबिया, कश्मीर, और आरएसएस पर केंद्रित रहा। इतना ही नहीं, इमरान खान ने एक अतंराष्ट्रीय मंच से सीधे-सीधे भारत को परमाणु युद्ध की भी धमकी दे डाली। करीब आधे घंटे के अपने लंबे भाषण में इमरान खान ने कहा कि यदि दो परमाणु शक्ति संपन्न देशों में युद्ध होता है तो उसके नतीजे उनकी सीमाओं के पार भी महसूस किए जाएंगे।

इसी दौरान अपने संबोधन में इमरान खान ने कांग्रेस के पूर्व गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे का भी नाम लिया। इमरान ने कहा कि पिछली सरकार में कांग्रेस के गृह मंत्री ने बयान दिया था कि आरएसएस के शिविरों में आतंकवादियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस पर पाकिस्तान ने भारत की विपक्षी पार्टी के दो नेताओ के गैर-जिम्मेदाराना का फायदा उठाते हुए उन बयानों को भारत को नीचा दिखाने के लिए भारत के खिलाफ इस्तेमाल किया, लेकिन अभी तक कांग्रेस पार्टी के किसी नेता इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी जारी कर सफाई देने की जहमत नहीं उठाई है। वहीं, ठीक पाकिस्तान के उलट प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के अपने भाषण में शांति और सद्भावना की बात की। प्रधानमंत्री मोदी अपने 17 मिनट के भाषण में एक बार भी पाकिस्तान का नाम नहीं लिया।

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संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने पूर्व गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे के जरिए जहां भारत की अंतर्राष्ट्रीय मंच पर फजीहत की नाकाम कोशिश की। वहीं, इससे पहले कई मोर्चों पर भारत पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के गैर जिम्मेदाराना व्यवहार से फजीहत का सामना कर चुकी है। यही कारण था कि पाकिस्तान द्वारा लगातार पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के जम्मू-कश्मीर पर दिए बयानों को हाथों-हाथ लिया जा रहा है।

इससे पूर्व पाकिस्तान में सुर्खियां बटोर रहे राहुल गांधी को श्रीनगर एयरपोर्ट पर रोकने की घटना को पाकिस्तान ने फौरन लपका और वहां के हुक्मरान धड़ाधड़ ट्वीट किया। राहुल गांधी द्वारा जम्मू-कश्मीर को लेकर एक वीडियो शेयर किया, तो पाकिस्तान ने हॉट केक की तरह उसको लपकने में देर नहीं लगाई।

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इमरान के बयान के बाद माना जा रहा है कि देश में एक बार फिर हिंदू आतंकवाद को लेकर आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति शुरू हो सकती है। उस दौरान भी बीजेपी ने तत्कालीन गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे को बर्खास्त किए जाने की मांग की कि थी। बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया था कि 'हिन्दू आतंकवाद' संबंधी शिंदे के बयान ने पाकिस्तान और आतंकवादियों को अपना हित साधने का मौका दिया है। इससे पूर्व राहुल गांधी के गैर जिम्मेदाराना बयान को लेकर भी भारत सरकार फजीहत का सामना कर चुकी है।

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जब पाकिस्तानी सरकार के साथ-साथ वहां की मीडिया ने भी राहुल गांधी के ट्वीट और बयान को प्रमुखता से प्रकाशित किया है। पाकिस्तानी अखबार डॉन ने प्रमुखता से उस ट्वीट का जिक्र करते हुए खबर प्रकाशित किया था, जिसमें राहुल गांधी ने लिखा था कि जम्मू-कश्मीर के लोगों की स्वतंत्रता और नागरिक आजादी पर अंकुश लगे हुए 20 दिन हो गए हैं। विपक्ष और मीडिया को तब जम्मू-कश्मीर के लोगों पर किए जा रहे कठोर बल प्रयोग और प्रशासनिक क्रूरता का अहसास हुआ जब उन्होंने श्रीनगर का दौरा करने की कोशिश की।

वीडियो में राहुल गांधी यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं, मुझे राज्यपाल ने आमंत्रित किया था. अब मैं आया हूं, तो एयरपोर्ट से बाहर जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है और मुझे रोका जा रहा है। मीडियाकर्मियों के साथ बदसलूकी की जा रही है और उनको गुमराह किया गया है।

राहुल गांधी के जम्मू-कश्मीर के हालत पर किए गए ट्वीट और वीडियो से पाकिस्तान को भारत के खिलाफ बोलने का न केवल मौका मिला बल्कि उसने राहुल गांधी के गैर जिम्मेदाराना बयान को हथियार बनाकर संयुक्त राष्ट्र (यूएन) को चिट्ठी लिखी है। पाकिस्तान की मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी की ओर से लिखे गए पत्र में दावा किया गया कि 'अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद राहुल गांधी ने जम्मू-कश्मीर में लोगों की मौत का जिक्र किया था।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान पर निशाना साधा है। इमरान के संघ विरोधी बयान को भारत का विरोध करार देते हुए आरएसएस के सह सर कार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल शर्मा ने कहा कि संघ केवल भारत में है और इसकी कोई शाखा दुनिया में कहीं नहीं है, ऐसे में पाकिस्तान संघ से क्यों नाराज है?

आगे उन्होंने कहा पाकिस्तान की नाराजगी का मतलब है कि वह अगर संघ से नाराज है तो कहीं न कहीं भारत से नाराज है। चुटकी लेते हुए सह सर कार्यवाह शर्मा ने कहा कि जो लोग आतंकवाद से पीड़ित हैं, वो आतंकवाद के खिलाफ हैं, पाकिस्तानी पीएम इमरान खान महसूस कर रहे हैं कि आरएसएस आतंकवाद के खिलाफ है इसलिए हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि पाक पीएम अपनी इन बातों को जारी रखें, बोलते जाएं।

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