IRCTC Ticket Booking: अब बिना OTP नहीं मिलेगा तत्काल टिकट, IRCTC के इस फैसले से किसको होगा नुकसान?
IRCTC Ticket Booking: नागपुर जंक्शन हमेशा से मध्य भारत का सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक रहा है, जहां रोजाना हजारों यात्री तत्काल टिकट पाने की उम्मीद में लाइनों में लगते हैं। लेकिन जैसे ही बुकिंग शुरू होती है, कुछ ही मिनटों में सीटें भर जाती हैं-और असली यात्री अक्सर खाली हाथ लौट जाते हैं। कई बार यह भी सामने आता रहा है कि दलाल भारी संख्या में टिकट कब्जा कर लेते थे, जिससे यात्रियों में नाराजगी और शिकायतें बढ़ती जा रही थीं।
इन्हीं समस्याओं को देखते हुए मध्य रेलवे ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। आज 6 दिसंबर से नागपुर जंक्शन पर तत्काल टिकटों में ओटीपी वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि टिकट बुकिंग को पारदर्शी, सुरक्षित और दलालों से मुक्त किया जा सके। रेलवे का दावा है कि यह नया कदम रोजाना हजारों यात्रियों को राहत देगा और तत्काल टिकट प्रणाली को पूरी तरह सुधार देगा।

अब हर तत्काल टिकट पर ओटीपी जरूरी
मध्य रेलवे ने साफ कर दिया है कि यह नियम पीआरएस काउंटर, अधिकृत एजेंट, और आईआरसीटीसी वेबसाइट व ऐप,सभी प्लेटफॉर्म पर लागू होगा। यानी अब कोई भी व्यक्ति तत्काल टिकट बुक करेगा तो उसके मोबाइल नंबर पर एक वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) भेजा जाएगा।
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ओटीपी डालने के बाद ही जारी होगा टिकट
वजह है दलाली पर रोक और असली यात्रियों को प्राथमिकता देना है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि दलाल बड़ी संख्या में टिकट ब्लॉक कर लेते थे, जिनमें कई बार फर्जी नंबर, एक जैसे मोबाइल या अलग नाम के प्रोफाइल का इस्तेमाल होता था। नई व्यवस्था से फर्जी बुकिंग रुकेगी, एक मोबाइल नंबर से दोबारा बुकिंग नहीं हो सकेगी। असली यात्रियों को टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी, दलालों के धंधे पर लगाम लगेगी।
किन ट्रेनों में लागू होगी यह व्यवस्था
रेलवे ने बताया कि यह सिस्टम अभी चुनिंदा प्रमुख ट्रेनों में लागू किया गया है, जिनसे रोजाना बड़ी संख्या में यात्री यात्रा करते हैं। इनमें दिल्ली, पुणे, हावड़ा, हैदराबाद जैसे बड़े शहरों की ओर जाने वाली ट्रेनें शामिल हैं। नागपुर जंक्शन से हर दिन 500 से 600 तत्काल टिकट बुक होते हैं, इसलिए इस नियम से सबसे बड़ा असर इसी स्टेशन पर दिखेगा।
पहले ऑनलाइन आधार सत्यापन, अब काउंटर पर भी ओटीपी
इससे पहले रेलवे ने ऑनलाइन तत्काल टिकटों के लिए आधार-आधारित सत्यापन जुलाई में शुरू किया था। इसके बाद नवंबर में काउंटर बुकिंग के लिए पायलट प्रोजेक्ट चलाया गया, जिसकी सफलता के बाद इसे अब पूरे नागपुर जंक्शन पर लागू कर दिया गया है।
यात्रियों को क्या मिलेगा लाभ
नई व्यवस्था से यात्रियों को-
- टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी
- गलत प्रैक्टिस और दोहरी बुकिंग में कमी आएगी
- लंबी लाइनों में खड़े यात्रियों को असली फायदा मिलेगा
- तत्काल टिकट बाजार को साफ करने में मदद मिलेगी
रेलवे अधिकारियों को उम्मीद है कि ओटीपी प्रक्रिया लागू होने के बाद टिकटिंग सिस्टम और अधिक सुरक्षित और पारदर्शी होगा।
तत्काल टिकट बुकिंग में ओटीपी दलालों को रोकने, फर्जी और दोहरी बुकिंग रोकने और असली यात्रियों को प्राथमिकता देने के लिए किया गया है। ओटीपी सभी तत्काल टिकटों पर पीआरएस काउंटर, अधिकृत एजेंट और आईआरसीटीसी ऐप/वेबसाइट पर बुक किए गए टिकटों पर लागू होंगी। ओटीपी टिकट बुकिंग के दौरान दिए गए मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा, सत्यापन के बाद ही टिकट जारी होगा।
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