ईरान का 400 किलो यूरेनियम गुमशुदा! भारत में कहां है Uranium का खजाना, कितना है सुरक्षित?
Uranium mine in India: अमेरिका ने ईरान की फोर्डो समेत तीन न्यूक्लियर ठिकानों पर मिसाइलें दागीं। इस हमले के बाद 400 किलोग्राम यूरेनियम गायब हो गया। दुनिया के खुफिया रडारों पर एक सवाल कौंध रहा है कि 60% परिशुद्धता वाला यूरेनियम कहां गायब हो गया। हालांकि अमेरिका और विशेषज्ञों का मानना है कि हमले से पहले ही ईरान ने संभवतः यह ट्रकों द्वारा कहीं सुरक्षित जगह पर स्थानांतरित कर दिया गया है।
बता दें 400 किलोग्राम यूरेनियम ये 10 परमाणु बम तैयार किए जा सकते हैं। 400 किलो यूरेनियम गायब होने के बाद अमेरिका और इजराइल दोनों टेंशन में है। इतनी बड़ी मात्रा में यूरेनियम का गायब होना वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरे की गंभीर घंटी है। क्योंकि इससे परमाणु युद्ध, आतंकवाद, रेडिएशन दुर्घटनाओं और कूटनीतिक तनावों का खतरा बढ गया है। आइए जानते हैं भारत के पास कहां है यूरेनियम का खजाना और वो कितना सुरक्षित है?

भारत में कहां है यूरेनियम का खजाना?
भारत में आंध्र प्रदेश, झारखंड और राजस्थान और कर्नाटक में यूरेनियम का भंडार है। जिसमें आंध्र प्रदेश के कडपा में तुमलापल्ली गांव में युरेनियम की खान हैं।आंध्र प्रदेश के अलावा झारखंड के जादुगुडा के अलावा उसके आसपास में यूरेनियम की खान हैं।
भारत के पास कितना युरेनियम है?
आंध्र प्रदेश में अनुमानित 85,000 से 1.5 लाख टन यूनियम का खजाना है। इसके बाद दूसरे नंबर पर झारखंड में यूरेनियम का खजाना है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार झारखंड के जादुगुडा के अलावा उसके आसपास में 27,156 टन यूरेनियम की खदान है। वहीं राजस्थान और कर्नाटक में छोटे-छोटे यूरेनियम की खदान हैं।हालांकि UCIL की माने तो 76,000 से 95,000 टन यूरेनियम भंडार हैं।
यूरेनियम के भंडार की सुरक्षा कौन करता है?
यूरेनियम एक रेडियोएक्टिव और संवेदनशील खनिज है, इसलिए इसकी सुरक्षा दो स्तरों पर की जाती है। इसकी सुरक्षा केंद्रीय स्तर पर Uranium Corporation of India Ltd (UCIL) और परमाणु ऊर्जा विभाग (Department of Atomic Energy - DAE)के तहत की जाती है। सरकार के पास के केवल खनन, भंडारण और इसे ट्रांसपोर्ट करने का अधिकार है।
यूरेनियम की सुरक्षा कैसे होती है?
भारत की सभी यूरेनियम खानों और संयंत्रों में सीआईएसएफ (CISF) के जवान तैनात रहते हैं। यूरेनियम के पूरे खनन क्षेत्र की निगरानी करने के लिए CCTV कैमरे ओर बायोमेट्रिक एक्सेस और रेडियोएक्टिव उपकरण लगे हुए है। इसके अलावा खनन से लेकर प्रोसेसिंग तक हर स्टेप पर ट्रैकिंग होती है। यूरेनियम की कई खान जंगलों और पहाड़ियों के बीच स्थित हैं, इसलिए बाहरी हस्तक्षेप कठिन होता है।
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