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सोशल मीडिया पर बढ़ेगा दूरदर्शन का ड‍िजिटल कद, 2022 तक होगा यूथ ओर‍िएंट: शशि शेखर वेमपति

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नई द‍िल्‍ली। बीते शुक्रवार शशि शेखर वेमपति को प्रसार भारती का नया चीफ एग्जिक्‍यूटिव ऑफिसर (सीईओ) नियुक्‍त क‍िया गया है। उनके अप्‍वाइंटमेंट की खबरें तब सामने आईं जब इंफॉरमेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग मिन‍िस्‍टर वैंकेया नायडू ने टिवटर पर उन्‍हें यह कहते हुए बधाई दी क‍ि "आपको प्रसारभारती के बतौर सीईओ बनाए जाने पर बहुत बहुत बधाई हो। मैं आशा करता हूं क‍ि आप इस लीडरशिप को बखूबी संभालेंगे"। हाल ही में वनइंडिया ने उन्‍हें इस नई उपलब्धि पर बधाई दी और उनके साथ इंटरव्‍यू करने का मौका भी मिला। आइए जानते हैं खुद उनसे क‍ि उनकी नजर में प्रसार भारती को किन नए स्‍टेप्‍स की जरूरत है। जानिए उससे बातचीत के कुछ अंश व‍नइंडिया के साथ

आपने बताया क‍ि विश्‍वसनीयता की कमी के चलते प्रसार भारती पीछे रह गया है। इससे आपका क्‍या मतलब है, क्‍या आप इसे एक्‍सप्‍लेन कर सकते हैं ?

समय है क‍ि हमें प्रसार भारती की व‍िश्‍वसनीयता को वापस लाना होगा। इसके लिए हमें प्रसार भारती के पूरे इको-सिस्‍टम के साथ मिलकर काम करना होगा। खासतौर पर हमें प्रसार भारती के स्‍टॉकहोल्‍डर्स और अपने सभी एक्‍सटर्नल पार्टनर्स पर विश्‍वसनीयता जतानी होगी। आंतरिक स्‍तर पर एक बड़े वर्कफोर्स के साथ काम करने की जरूरत है। इसे दुर्भाग्‍य ही मानेंगे क‍ि इतने दशक बीतने के बाद हमने यह जानने की कोशिश नहीं की कि आखिर विश्‍वसनीयता में कमी क्‍यों आई? इनके पीछे के तमाम क्रिटिकल इश्‍यू पर कभी ध्‍यान नहीं द‍िया गया। इसका सबसे ज्‍यादा असर प्रसार भारती और प्रसार भारती के अतंर्गत आने वाले उन सभी परिवार के ईजी टू डूइंग बिजनेस पर हुआ है। जो इस ऑर्गनाइजेशन को आगे ले जाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हमें सारा फोकस अपने स्‍टॉकहोल्‍डर्स पर रखना होगा ताकि हम अपने ऑपरेशंस, पॉलिसीज, ट्रांजेक्‍शन में दोबारा विश्‍वसनीयता हासिल कर सकें।

डीडी पर मालगुडी डेज जैसे सीर‍ियल दोबारा टेलीकास्‍ट हो रहे हैं। आपको क्‍या लगता है क‍ि आज भी व्‍यूवर्सशिप के लिए डीडी को ऐसी पुरानी यादों को ताजा करने की जरूरत है या ऐसे समय में कुछ रचनात्‍मक करना चाहिए?

देखिए, पुरानी यादें डीडी की ताकत और इंपॉर्टेंट एसेट है। उससे अलग नहीं हुआ जा सकता। ब्रांड लॉयलिटी बनाने के लिए सही मायनों में यही स्‍टार्टिंग प्‍वाइंट है। कैसे भी अपनी ऑडियंस को बनाए रखने और उन्‍हें अट्रैक्‍ट करने के लिए अब समय क‍ि हमें इस से परे जाना होगा। हमें यूथ इम‍ेजिनेशन को कैप्‍चर करना होगा। उन्‍हें कुछ दमदार चीजों से जोड़ना होगा। उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का एक हिस्‍सा बनना होगा तभी प्रसार भारती कुछ बेहतर कर पाएगा।

आपकाे क्‍या लगता है क‍ि दूरदर्शन और एआईआर बीबीसी और अलजजीरा की तरह एक ग्‍लोबल व्‍वॉइस हो सकता है?

दुनिया के करोड़ों और अरबों लोगों की डेमोक्रेसी के चलते अब हमें स्‍ट्रॉन्‍ग ग्‍लोबल व्‍वॉइस बनने की जरूरत है ताकि हम भारतीय लोकाचार, भारतीय व‍िचारों और मूल्‍यों को लेकर करोड़ो लोगों की आकांक्षाओं पर खरा उतरे। यह हमारी ज‍िम्‍मेदारी है। दुनिया डिजर्व करती है क‍ि इंडियन स्‍टोरी , इंडियन एक्‍सपीरिएंस को बताया जाए। 2022 तक हम अपने 75 सालों को पूरा करने जा रहे हैं। मॉडर्न हिस्‍ट्री के दौर में लाखों करोड़ों लोगों को इस इंडियन एक्‍सपीरिएंस से जोड़ने की जरूरत है। यह तभी संभव है जब हम जियो पॉलिटिक्‍स जैसे क्रिटिकल इश्‍यू की तरफ रुख करें। अब समय है क‍ि हमें चुनौतियों को देखते हुए प्रसार भारती को अगले कदम की ओर लेकर आगे बढ़ें।

आपको क्‍या लगता है क‍ि सोशल मीड‍िया पर दूरदर्शन और एआईआर की उपस्‍थिति प्रशंसनीय और पर्याप्‍त है?

हालांकि हम सोशल मीडिया पर कदम रख चुके हैं। शुरुआत भी हो गई है लेकिन हमें इसके कद काे बढ़ाने के ल‍िए इसकाे और गहराई तक ले जाने की जरूरत है। हमें सोशल मीडिया पर खुद को और ज्‍यादा क्रिएटिव करना है ताकि हमारी पहुंच ज्‍यादा प्रभावी हो। यह हमारी टॉप प्रिरियॉरिटी है।

डिजिटल एरा में डीडी और एआईआर को और कॉम्पिटीटिव बनाने के लिए क्‍या योजनाएं बनाई हैं ?

उम्‍मीद है क‍ि पूरी तरह से 2022 तक प्रसार भारती डिजिटल रोडमैप की तरफ आगे आएगी।

क्‍या डीडी और एआईआर बतौर गवर्नमेंट के साथ म‍िलकर बेहतर रोल प्‍ले कर रहे हैं ?

डीडी और एआईआर पहले से ही सरकार के साथ व‍िभिन्‍न मिशन के साथ जुड़कर कई इंफॉरमेशन कैंपेंस कर रहे हैं। हाल ही में प्राइम मिनिस्‍टर के लॉन्‍च क‍िए गए बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, स्‍वच्‍छ भारत के साथ जुड़कर वे कई सफलतापूर्वक अभियान कर रहे हैं। उम्‍मीद है क‍ि सरकारी स्‍तर पर इस तरह के योजनाएं आगे भी चलती रहेंगी।

प्राइवेट टीवी चैनल्‍स ने दूरदर्शन को पछाड़ दिया है। क्‍या सरकार की तरफ से डीडी को प्रमोट करने के लिए पर्याप्‍त कदम उठाए गए ?

डीडी नेटवर्क की पहुंच सभी चैनलों के साथ हमेशा से काफी विस्‍तारपूर्वक रही है। हमारी यही पहुंच हमारी ताकत है। इससे हम ज्‍यादा इनोवेटिव ज्‍यादा क्रिएटिव होंगे। आने वाले समय में हम टेक्‍नोलॉजी का भी बेहतर यूज करेंगे।

21 सेंचुरी मीडिया ऑर्गनाइजेशन बनने की राह में अभी डीडी की कितनी लंबी दौड़ है?

यह कल्‍चर चेंज माइंडसेट को प्रभाव‍ित कर रहा है। एक बार बदलाव होने पर टेक्‍नोलॉजी और सिस्‍टम के टर्म्‍स को हम जल्‍द फॉलो करेंगे।

2022 के डीडी और एआईआर से हम क्‍या एक्‍सपेक्‍ट कर सकते हैं ?

पुख्‍ता तौर पर कहें तो यह बात डीडी और एआईआर के ग्‍लो‍रीफाइड वर्जन की है। जब हम 2022 की डीडी और एआईआर ग्‍लोरी के रीस्‍टोर‍िंग की बात कर रहे हैं तो एक समय ऐसा भी होगा जब सभी टीवी चैनल दूरदर्शन के धुधले संस्‍करण की तरह द‍िखाई देंगे।

क्‍या वाकई प्रसार भारती पर किसी ग्‍लैमरस चेहरे की वास्‍तव में अब जरूरत है ?

किसी इंडिविजुअल पर कमेंट करना मेरे ल‍िए उच‍ित नहीं है। प्रसार भारती में न‍ियुक्तियां इंडिया के माननीय वाइस प्रेसीडेंट की हेडेड सेलेक्‍शन कमेटी करती है। प्रसार भारती में आने वाले हम सभी मेंबर्स की जानकारी और अनुभवों को वैल्‍यू देते हैं। वह प्रसार भारती की बदलावपूर्ण सफल में महत्‍वपूर्ण रहे हैं। हम उम्‍मीद करते हैं क‍ि वे प्रसार भारती के साथ पर्याप्‍त समय बिताने के काबिल रहे हैं। उनके शेयर क‍िए गए इनपुट और उनकी सलाह ने ने हमेशा हमें उचित मार्ग दर्शन दिया है।

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English summary
interview with new appointed ceo prasar bharti
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