Yoga Safety Tips: योग से पहले जान लें ये सावधानियां, वरना योग दिवस 2025 पर फायदे की जगह हो जाएगा नुकसान
International Yoga Day 2025: आज 21 जून, 2025 को विश्व भर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। इस वर्ष की थीम है "Yoga for One Earth, One Health", जिससे व्यक्तिगत स्वास्थ्य और पृथ्वी की भलाई के बीच गहरा संबंध दर्शाया गया है। भारत सरकार की पहल 'Yoga Sangam' के तहत आयुष मंत्रालय, केंद्रीय एवं राज्य सरकारों की भागीदारी से एक लाख से अधिक स्थानों पर एक साथ योग कराया जाएगा।
Yoga Day 2025 theme: योग आज न सिर्फ भारत में बल्कि पूरी दुनिया में स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन का एक प्रमुख साधन बन चुका है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि योग करते समय कुछ महत्वपूर्ण सावधानियों का ध्यान न रखना शरीर को लाभ पहुंचाने के बजाय हानि भी पहुंचा सकता है।

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भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, योगाभ्यास शुरू करने से पहले व्यक्ति को अपने शरीर की स्थिति और स्वास्थ्य स्थिति का मूल्यांकन अवश्य कर लेना चाहिए।
Common Yoga Protocol 2025: योग करते समय बरतें ये सावधानियां
खाली पेट या भोजन के 3-4 घंटे बाद योग करें
आयुष मंत्रालय के अनुसार, योगाभ्यास हमेशा खाली पेट या हल्के भोजन के कई घंटे बाद करना चाहिए। पाचन प्रक्रिया के दौरान योग करने से शरीर असहज हो सकता है।
शुरुआत सरल आसनों से करें
वरिष्ठ योगाचार्य डॉ. हंसजी योगेन्द्र (योगा इंस्टिट्यूट, मुंबई) के अनुसार, शुरुआत में जटिल या उलटे आसनों से बचना चाहिए। पहले ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन जैसे आसान योगासन सीखें।
शारीरिक समस्या होने पर डॉक्टर या प्रशिक्षित योगगुरु की सलाह लें
हाई ब्लड प्रेशर, हर्निया, पीठ दर्द, या हाल ही में सर्जरी जैसी स्थितियों में किसी भी योगासन से पहले चिकित्सक से सलाह लेना आवश्यक है।
सही तरीके से सांस लेना बेहद ज़रूरी
प्राणायाम या अन्य अभ्यास करते समय सांस लेने और छोड़ने की सही तकनीक अपनाना जरूरी है, अन्यथा चक्कर या घबराहट हो सकती है।
दर्द महसूस होने पर आसन तुरंत रोक दें
योग के दौरान किसी भी तरह का तेज दर्द या खिंचाव महसूस हो तो तुरंत अभ्यास रोक दें और किसी योग विशेषज्ञ से संपर्क करें।
गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए विशेष निर्देश
गर्भवती महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए कुछ आसनों को पूरी तरह से टालने या वैकल्पिक रूप में करने की सलाह दी जाती है। योग प्रशिक्षक से मार्गदर्शन लेना जरूरी है।
अत्यधिक प्रयास से बचें
योग अभ्यास में शरीर को उसकी सीमाओं से अधिक खींचने की कोशिश न करें। लगातार अभ्यास से लचीलापन स्वतः बढ़ता है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
डॉ. ईश्वर बसवरड्डी, मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ योग (दिल्ली) के पूर्व निदेशक के अनुसार, "योग साधना एक अनुशासित प्रक्रिया है, इसमें जल्दबाजी और दिखावा दोनों ही नुकसानदायक हो सकते हैं। शरीर को समझें, उसकी सुनें और एक योग्य प्रशिक्षक के मार्गदर्शन में धीरे-धीरे आगे बढ़ें।"
Yoga for One Earth One Health: 21 जून को ही क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस
योग भारत की प्राचीन परंपरा का अमूल्य उपहार है, जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने का एक विश्वसनीय साधन बन चुका है। "योग" शब्द संस्कृत की "युज्" धातु से बना है, जिसका अर्थ है "जोड़ना", "संयमित करना", या "एकता स्थापित करना" - यानी मन और शरीर, विचार और क्रिया, मानव और प्रकृति के बीच समरसता।
11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने भारत के प्रस्ताव पर 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया। यह प्रस्ताव 175 देशों द्वारा समर्थन प्राप्त करने वाला सबसे व्यापक प्रस्तावों में से एक था।
इस प्रस्ताव को भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर 2014 को UN महासभा के 69वें सत्र के उद्घाटन भाषण में प्रस्तुत किया था। 21 जून को इसलिए चुना गया क्योंकि यह ग्रीष्म संक्रांति (Summer Solstice) का दिन होता है - उत्तरी गोलार्ध का सबसे लंबा दिन, जो प्रकृति और मानव स्वास्थ्य के बीच सामंजस्य का प्रतीक है।
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