International Mother Language Day 2023: अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के बारे में कितना जानते हैं आप
भारत में 19,500 से अधिक भाषाएं बोली जाती हैं। भारत में 10,000 या अधिक लोगों द्वारा बोली जाने वाली 121 से अधिक भाषाएं हैं, जो राष्ट्रीय संदर्भ में मातृभाषाओं को बढ़ावा देने के महत्व को दिखाती हैं।

International Mother Language Day 2023: दुनियाभर में अलग-अलग भाषा और सांस्कृतिक विविधता और बहुभाषावाद को बढ़ावा देने के लिए हर साल 21 फरवरी को अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया जाता है। अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस का उद्देश्य स्थायी तरीकों के माध्यम से पारंपरिक ज्ञान और संस्कृतियों को संरक्षित करना है। अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस का मसकद समाजों में बहुभाषावाद का समर्थन करना है। इसके इतिहास की बात करें तो अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के उत्सव को पहली बार बांग्लादेश की पहल पर मान्यता दी गई थी और इसे 1999 में संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन या यूनेस्को द्वारा अनुमोदित किया गया था।
क्या है अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस का इतिहास और महत्व
यूनेस्को की वेबसाइट के मुताबिक अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस साल 2000 से पूरे विश्व में मनाया जाता है। उस वक्त यूनेस्को ने भाषाओं के लुप्त होने पर चिंता जताते हुए इस दिन को मनाने की पहल की थी। विश्व स्तर पर 40 प्रतिशत आबादी की उस भाषा में शिक्षा तक पहुंच नहीं है जिसे वे बोलते या समझते हैं। इसलिए मातृ भाषा के महत्व को समझने की दिशा में प्रतिबद्ध होने के लिए यूनेस्को ने अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाने का फैसला किया।
यूनेस्को ने सार्वजनिक जीवन में मातृ भाषा के विकास की दिशा में एक कदम के रूप में इस दिन को मनाने का फैसला किया। जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक भारत में 19,500 से अधिक भाषाएं बोली जाती हैं। भारत में 10,000 या अधिक लोगों द्वारा बोली जाने वाली 121 से अधिक भाषाएं हैं, जो राष्ट्रीय संदर्भ में मातृभाषाओं को बढ़ावा देने के महत्व को दिखाती हैं। इसलिए बहुभाषावाद के महत्व को समझने, दुनिया की अलग-अलग मातृ भाषाओं को बढ़ावा देने और संरक्षित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया जाता है।
क्या है अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस की थीम
अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस का 24वां संस्करण 'बहुभाषी शिक्षा - शिक्षा को बदलने की जरूरत' की थीम पर मनाया जा रहा है। इस विषय का उद्देश्य गैर-प्रमुख भाषा बोलने वाले जनसंख्या समूहों के लिए सीखने की पहुंच और समावेश को सुविधाजनक बनाने के लिए मातृभाषा पर आधारित बहुभाषी शिक्षा महत्वपूर्ण है।
यूनेस्को द्वारा आयोजित कार्यक्रम शिक्षा को बदलने के लिए बहुभाषावाद की क्षमता पर रिसर्च करेगी। यह कार्यक्रम हमारे तेजी से बदलते वैश्विक संदर्भों और संकट की स्थितियों में बहुभाषी शिक्षा और बहुभाषावाद के माध्यम से सीखने में मदद करने पर केंद्रित होगा।












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