बौद्धिक आतंकवाद का गढ़ बन रहा भारत

जयपुर। असहिष्णुता पर आमिर खान जनता को समझाने की कोश‍िश तो की, लेकिन अपनी बात पर वो अब भी अड़े हैं, ऐसे में उन पर चारों तरफ से तीर चलने जारी हैं। ऐसे में असहिष्णुता पर जारी बयानबाजी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने 'बौद्धिक आतंकवाद' का नाम दिया है। आरएसएस का मानना है कि देश बौद्धिक आतंकवाद का गढ़ बनता जा रहा है।

राजस्थान में आरएसएस के नेता ने आमिर पर प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों से स्पष्ट होता है कि देश में बौद्धिक आतंकवाद बढ़ रहा है।

आरएसएस के नेता जे नंद कुमार ने कहा कि जो लोग असहिष्णुता के मुद्दे को जबरन तूल दे रहे हैं और उलटे सीधे बयान दे रहे हें। वे असल में बौद्धिक आतंकवाद फैला रहे हैं और यह सब सोची समझी साजिश के तहत किया जा रहा है।

असहिष्णुता को आधार बनाकर आम जनता के अंदर चिंगारी फूंकी जा रही है। ये सब हिंसा के रूप में भड़क सकता है। उन्होंने कहा कि दादरी कांड जैसी घटनाओं पर रोक लगाना बेहद जरूरी है, लेकिन अपने विचारों को व्यक्त करने की स्वतंत्रता का दुरुपयोग करना गलत है।

आमिर खान पर सवाल पूछे जाने पर नंद कुमार ने कहा, अगर देश के लोग आमिर खान की 'पीके' जैसी फिल्म को टॉलरेट कर सकते हैं, तो कंपनी असहिष्णु कैसे हो सकती है? क्या आमिर खान पीके मूवी पाकिस्तान में बना सकते हैं?

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