एक साल में इंडियन नेवी ने झेले 11 हादसे और खोए अपने 21 बहादुर सैनिक
बैंगलोर। शुक्रवार को एक और हादसे ने इंडियन नेवी की बुरी हालत सबके सामने लाकर रख दी। बांबे डॉकयार्ड में आईएनएस गंगा के ब्वॉयलर में एक ब्लास्ट हुआ और उसमें आग लग गई।
इस हादसे में तीन नौसैनिक मामूली रूप से घायल हुए हैं। हादसा हालांकि बहुत भयानक नहीं था लेकिन इस हादसे ने इंडियन नेवी को एक बार फिर से चिंता में डाल दिया है।
अगस्त 2013 से लेकर अब तक इंडियन नेवी ऐसे कई हादसों का शिकार हो चुकी है जिसकी वजह से नेवी को वित्तीय नुकसान तो हुआ ही है साथ में उसे अपने 22 बहादुर नौसैनिकों की जिंदगी से भी हाथ धोना पड़ा है।
आईएनएस गंगा गोदावरी क्लास गाइडेड मिसाइल वॉरशिप है और मुंबई के डॉकयॉर्ड में इसकी रिफिटिंग का काम चल रहा था।
अगस्त 2013 में हुए आईएनएस सिंधुरक्षक हादसे के बाद इंडियन नेवी में घटी घटनाओं में ज्यादातर हादसों के पीछे ब्वॉयलर ही जिम्मेदार है। विशेषज्ञों की मानें तो इन हादसों की वजह से इंडियन नेवी को करीब 1,000 करोड़ का नुकसान हो चुका है।
एक नजर डालिए अगस्त 2013 से अब तक हुए उन सभी 11 हादसों और उनमें मारे गए नौसैनिकों की संख्या पर।

आइएनएस सिंधुरक्षक
14 अगस्त को मुंबई बंदरगाह पर खड़े आईएनएस सिंधुरक्षक के टारपीडो कंपार्टमेंट में ब्लास्ट के साथ आग लग गई। जिस समय यह हादसा हुआ उस समय ऑन बोर्ड थे 18 क्रू मेंबर जिसमें से तीन अफसर और 15 सेलर्स थे, उनकी मौत हो गई थी।

आईएनएस विराट
मुंबई के तट पर इस एयरक्राफ्ट कैरियर के ऑफिसर्स मेस के पास आग लग गई। इस दुर्घटना में किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं थी।

आईएनएस कोंकण
ईस्टर्न नेवल कमांड विशाखपट्टनम में मौजूद इस शिप में उस समय आग लग गई थी जब इसकी मरम्मत का काम जारी थी। जब तक आग बुझाई जाती तब तक इसका अंदरूनी हिस्सा पूरी तरह से चौपट हो गया था। इस हादसे में किसी की भी मौत नहीं हुई।

आईएनएस तलवार
रत्नागिरी जिले के पास आईएनएस तलवार उस समय डूब गया जब यह एक वॉरशिप से टकरा गया था। इस घटना में 27 लोग घायल हो गए थे। यह शिप बिना किसी रोशनी के ही संचालित हो रहा था।

आईएनएस तरकश
कई विदेशी मिशनों का हिस्सा बन चुकी वॉरशिप आईएनएस तरकश को उस समय बडे़ नुकसान का सामना करना पड़ जब मुंबई लाते समय एक छोटी नौका से टकरा गई थी।

आईएनएस बेतवा
देश में बनी यह वॉरशिप जिस समय मुंबई बंदरगाह की ओर बढ़ रही थी, उस समय ही यह किसी अज्ञात वस्तु से टकरा गई। शिप का सोनार सिस्टम इस टक्कर में पूरी तरह से डैमेज हो गया। इसकी वजह से यह किसी भी सेंसटिव उपकरण में समुद्री पानी की मात्रा का पता लगाने और गलत जानकारियां देने लगा था।

आईएनएस विपुल
22वीं किलर मिसाइल वेसेल स्क्वाड्रन के साथ डेप्लॉयड यह शिप संचालन की हालत में थी तब जब इसके एक कंपार्टमेंट में एक छेद हो गया जिसकी वजह से इसे बंदरगाह पर वापस लाना पड़ गया। फिलहाल इसकी मरम्मत का काम जारी है।

आईएनएस सिंधुघोष
डीजल-इलेक्ट्रिक वर्ग की यह सबमरीन मुंबई के नेवी बंदरगाह पर रहती है। मुंबई बंदरगाह पर वापस आते समय यह सबमरीन जमीन से टकरा गई थी। जिस समय यह हादसा हुआ उस समय यह पूरी तरह से हथियारों से लैस थी और इस पर 70 नेवी पर्सनल सवार थे।

आइएनएस एरावत
यह श्रादुल क्लास की टैंक लैंडिग शिप है। विखाशापट्टनम में जब इसे नेवी के बंदरगाह पर वापस लाया ज रहा था उस समय यह वॉरशिप जमीन से टकरा गई। इसकी वजह से वॉरशिप के प्रॉपैलर्स पूरी तरह से डैमेज हो गए थे। वॉरशिप को संचालन में वापस लाने के लिए प्रॉपैलर्स को रिप्लेस करना पड़ गया था।

आइएनएस सिंधुरत्न
डीजल से संचालित होने वाली इस सबमरीन में धुंआ भरने की वजह से दो अफसरों की मौत हो गई थी जबकि बाकी सात लोगों को बाहर निकाल लिया गया था। इसकी बोर्ड ऑफ इंक्वायरी की ओर से आई प्राथमिक रिपोर्ट के मुताबिक कुछ तारों की वजह से इसके तीसरे कंपार्टमेंट में धुंआ भर गया था।

आईएनएस कोलकाता
मुंबई के मझगांव डॉक लिमिटेड पर खड़ी इस एडवांस्ड वॉरशिप के एक कंटेनर से कार्बन डाय ऑक्साइड के लीक होने की वजह से एक अधिकारी की मौत हो गई थी जबकि एक कर्मी इस हादसे में घायल हो गया था।












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