न्यूयार्क में वीजा नियमों का उल्लंघन, इंफोसिस पर 6.5 करोड़ का जुर्माना
अमेरिका के न्यूयार्क में वीजा नियमों के उल्लंघन के चलते इंफोसिस पर एक मिलियन डॉलर (लगभग 6.5 करोड़) का जुर्माना लगा है।
बेंगलुरु। अमेरिका के न्यूयार्क स्टेट ने वर्क वीजा नियमों के उल्लंघन के लिए इंफोसिस कंपनी पर एक मिलियन डॉलर (लगभग 6.5 करोड़ रुपए) का जुर्माना ठोका है। न्यूयार्क के अटॉर्नी जनरल इरिक स्नाइडेर्मन ने कहा कि इंफोसिस ने आउटसोर्सिंग सर्विसेज देने के तहत विदेशी आईटी कामगारों को न्यूयार्क लाने का काम किया जिससे वीजा नियमों का उल्लंघन हुआ है।

प्रेस रिलीज में अटॉर्नी जनरल ने कहा कि न्यूयार्क स्टेट में विदेशी कामगारों को H-1B वीजा की जरूरत होती है जो मिलना कठिन होता है। इंफोसिस कंपनी ने इसके बदले टेंपररी विजिटर वीजा B1 लेकर कई विदेशी वर्करों को न्यूयार्क बुलाया क्योंकि B1 वीजा लेना ज्यादा आसान है। इस तरह से इंफोसिस ने जानबूझकर गैरकानूनी काम किया। B1 वीजा वाले सिर्फ विजिट कर सकते हैं, काम नहीं कर सकते।
इंफोसिस ने वीजा नियमों के उल्लंघन के आरोपों पर कहा है कि यह पेपरवर्क में हुई गलती है जिसकी जांच चल रही है। कंपनी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि 1 मिलियन डॉलर का सेट्लमेंट का संबंध उन कानूनी विवादों से हैं जो 2013 के यूएस डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस के साथ हुए सेट्लमेंट में सुलझा लिए गए थे। इंफोसिस अमेरिका के कानूनों का सम्मान करता है और उसकी प्रक्रियाओं का पालन करता है।
चार साल पहले 2013 में इंफोसिस को वीजा फ्रॉड के आरोपों के तहत 34 मिलियन डॉलर (215 करोड़ रुपए) का दंड भरना पड़ा था।












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