जून के मुकाबले जुलाई में कम हुई महंगाई, थोक मुद्रास्फीति 13.93 प्रतिशत दर्ज, इन सामानों की कीमत में गिरावट
देश में महंगाई को लेकर थोड़ी राहत भरी खबर आई है। थोक मुद्रास्फीति जून के मुकाबले जुलाई के दौरान कम होकर 13.93 प्रतिशत पर आ गई है। हालांकि, अभी भी दहाई अंकों में बनी हुई है।
नई दिल्ली, 16 अगस्त: देश में महंगाई को लेकर थोड़ी राहत भरी खबर आई है। थोक मुद्रास्फीति जून के मुकाबले जुलाई के दौरान कम होकर 13.93 प्रतिशत पर आ गई है। हालांकि, अभी भी दहाई अंकों में बनी हुई है। मंगलवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति पिछले 16 महीनों से लगातार दहाई अंक में है।

इन सामानों के बढ़े दाम
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि जुलाई में मुद्रास्फीति मुख्य रूप से खनिज तेलों, खाद्य पदार्थों, कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, बिजली और रसायनों की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण हुई थी।

नेचुरल गैस की कीमत में गिरावट
जून 2022 की तुलना में जुलाई 2022 में खनिजों की कीमतें 0.96 प्रतिशत बढ़ीं। वहीं खाद्य पदार्थों 2.56 प्रतिशत, गैर-खाद्य वस्तुओं में 2.61 प्रतिशत और कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस में 5.05 प्रतिशत की कीमतें में गिरावट आई है।

जून में थोक मुद्रास्फीति 15.18 प्रतिशत
इसके अलावा, खनिज तेलों में 7.95 प्रतिशत और बिजली में 6.38 प्रतिशत की कीमतों में जून 2022 की तुलना में जुलाई 2022 में वृद्धि हुई। जून में थोक मुद्रास्फीति 15.18 प्रतिशत थी, जबकि मई में यह 15.88 प्रतिशत थी।

शुक्रवार को आंकड़ा जारी
इस बीच शुक्रवार को जारी राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के आंकड़ों के अनुसार, भारत की खुदरा मुद्रास्फीति जून में 7.01 प्रतिशत से गिरकर 6.71 प्रतिशत हो गई थी।

अपर टॉलरेंस बैंड से ऊपर महंगाई दर
जो पांच महीनों में सबसे निचला स्तर है। इसके साथ खुदरा मुद्रास्फीति लगातार सातवें महीने भारतीय रिजर्व बैंक के 6 प्रतिशत के अपर टॉलरेंस बैंड से अधिक रही है।
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