'Mayday' की दहशत! हवा में खत्म होने वाला था IndiGo विमान का ईंधन, पायलट ने ऐसे बचाई 180 लोगों की जान
IndiGo Flight 'Mayday': देश में एक बार फिर विमानन सुरक्षा को लेकर डराने वाला मामला सामने आया है। इंडिगो (IndiGo) की गुवाहाटी से चेन्नई जा रही फ्लाइट में अचानक ईंधन की इतनी कमी हो गई कि पायलट्स को हवा में ही 'Mayday' कॉल देना पड़ा। यह कॉल उस वक्त दी जाती है जब विमान किसी गंभीर संकट में होता है और तुरंत मदद या लैंडिंग की आवश्यकता होती है। ये वही 'Mayday' कॉल है, जो एयर इंडिया प्लेन क्रैश से पहले दी गई थी।
हालांकि यह घटना गुरुवार (19 जून) की है, जब फ्लाइट को बेंगलुरु एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। गनीमत रही कि पायलट्स ने समय रहते विमान को सुरक्षित उतार लिया, वरना एक बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। घटना की रिपोर्ट आज 21 जून को की गई है। इस विमा में कुल 180 यात्री सवार थे, सभी की जान बच गई है।

🔴 इंडीगो फ्लाइट में 'Mayday' कॉल: चेन्नई में नहीं हो सकी लैंडिंग
गुवाहाटी से चेन्नई जा रही इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E-6764 (A321) गुरुवार शाम 4:40 बजे गुवाहाटी से रवाना हुई थी और उसमें 168 यात्री सवार थे। पायलट और क्रू मेंबर को मिलाकर कुल 180 लोग थे। TOI के मुताबिक यह घटना तब हुई जब विमान शाम 7:45 बजे चेन्नई एयरपोर्ट पर उतरने ही वाला था। विमान का लैंडिंग गियर रनवे को छू चुका था, लेकिन उस वक्त पायलट ने अचानक फैसला लिया कि विमान को उतारा नहीं जाएगा और 'बॉक्ड लैंडिंग' (balked landing) की प्रक्रिया अपनाते हुए उसे फिर से ऊपर उठा लिया।
🔴 बेंगलुरु से 35 मील दूर 'Mayday' कॉल
चेन्नई में लैंडिंग रद्द करने के बाद जब विमान बेंगलुरु की ओर मोड़ा गया, तब एयरपोर्ट से करीब 35 मील की दूरी पर पायलट ने 'Mayday'कॉल दिया। यह स्थिति ईंधन की बेहद कमी के कारण बनी।
🔴 पायलट्स को हटाया गया ड्यूटी से
NDTV ने सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है कि, विमान "क्रिटिकली लो फ्यूल" की स्थिति में पहुंच चुका था -यानी उसमें अब इतनी ही मात्रा में ईंधन बचा था कि देर होने पर इंजन बंद हो सकता था। फ्लाइट में सवार करीब 180 यात्रियों की जान दांव पर लगी थी। पायलट्स को हटाया गया ड्यूटी से
इंडिगो की इस 'Mayday' फ्लाइट के दोनों पायलट्स को ड्यूटी से हटाकर जांच शुरू कर दी गई है। DGCA (नागर विमानन महानिदेशालय) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं की जांच के आदेश दिए हैं।
🔴 यात्रियों में दहशत का माहौल
एक यात्री ने बताया कि, "विमान अचानक बहुत तेजी से ऊपर की ओर चढ़ने लगा, जिससे कई लोग सीटों पर सहम गए। कुछ यात्रियों के चेहरे पर डर साफ दिख रहा था।"
विमान का यह तेज चढ़ाव और अनिश्चित दिशा 'Unstabilised approach' का संकेत था, यानी पायलट लैंडिंग की स्थिति से संतुष्ट नहीं था और जोखिम उठाना नहीं चाहता था।
🔴 क्या कहती है एविएशन पॉलिसी?
भारत में मिनिमम फ्यूल लेवल को लेकर DGCA के सख्त नियम हैं। किसी भी फ्लाइट को इतना ईंधन ले जाना होता है कि वह अपने गंतव्य तक पहुंचे, वहां लैंडिंग न हो पाने की स्थिति में दूसरे एयरपोर्ट पर जाए और कम से कम 30 मिनट तक हवा में चक्कर भी लगा सके। ऐसे में यह सवाल उठता है -IndiGo की फ्लाइट इस स्तर तक कैसे पहुंच गई?
लगातार हो रही ये घटनाएं भारत की एविएशन इंडस्ट्री के भीतर सुरक्षा, योजना और जिम्मेदारी पर सवाल उठा रही हैं। 'Mayday' का मतलब सिर्फ तकनीकी शब्द नहीं, बल्कि एक चेतावनी है -यात्रियों के लिए, पायलट्स के लिए और सिस्टम के लिए।
🔴 डर को और बढ़ा देती है Air India हादसे की याद
इस घटना ने 12 जून 2025 को अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान AI 171 हादसे की याद ताजा कर दी, जिसमें विमान टेक-ऑफ के कुछ ही मिनटों बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। विमान में सवार कुल 242 लोगों में से 241 लोगों की मौत हो गई।












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