IndiGo Flight Cancelled: इंडिगो में हाहाकार! 4 दिन में 1700 से ज्यादा फ्लाइट कैंसिल, कब ठीक होगी सर्विस?
IndiGo Flight Crisis Update: इंडिगो एयरलाइन की परेशानी शनिवार (6 दिसंबर) को लगातार पांचवें दिन भी खत्म नहीं हुई। देश के बड़े एयरपोर्ट जैसे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई में रातभर यात्री परेशानी में फंसे रहे। पिछले चार दिनों में अब तक 1700 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो चुकी हैं, जिससे करीब 3 लाख यात्रियों पर सीधा असर पड़ा है।
जानकारी के मुताबिक, आज (6 दिसंबर) और कल (7 दिसंबर) 25 से 30 फीसदी तक फ्लाइट्स रद्द या लेट हो सकती हैं। बीते चार दिनों में रोजाना औसतन 500 उड़ानें देरी का शिकार हुई हैं, जबकि वीकेंड पर यह संख्या 600 तक पहुंच सकती है क्योंकि इन दिनों फ्लाइट्स की संख्या ज्यादा रहती है।

इस बीच एयरलाइन के CEO पीटर एल्बर्स ने पहली बार सामने आकर स्थिति पर बयान दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि एयरलाइन गंभीर ऑपरेशनल क्राइसेस से जूझ रही है और इसके सामान्य होने में अभी 5 से 10 दिन और लग सकते हैं। यह बयान उस समय आया जब केंद्र सरकार ने कुछ घंटे पहले दावा किया था कि एयरलाइन शनिवार, 6 दिसंबर तक काफी हद तक पटरी पर लौट आएगी और सोमवार तक संचालन पूरी तरह सामान्य हो जाएगा।
1700 से ज्यादा उड़ानें रद्
बता दें कि, 5 दिसंबर (शुक्रवार) इंडिगो के लिए अब तक का सबसे चुनौतीपूर्ण दिन रहा। देशभर में 1700 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जो एयरलाइन की कुल दैनिक उड़ानों के आधे से भी ज्यादा हैं।
CEO के अनुसार, यह भारी अव्यवस्था इंडिगो के पूरे ऑपरेशनल सिस्टम को 'रीबूट' करने की प्रक्रिया के कारण हुई, जिसके चलते क्रू, विमान और शेड्यूल प्रबंधन पूरी तरह गड़बड़ा गया। उन्होंने यात्रियों से यह भी अपील की कि जिनकी उड़ानें रद्द हैं, वे एयरपोर्ट न जाएं, क्योंकि इससे स्थिति और बिगड़ सकती है।
ऑपरेशन सामान्य होने में 15 दिसंबर तक का वक्त
इंडिगो ने खुद माना है कि उसकी उड़ानों का संचालन पूरी तरह से सामान्य होने में 15 दिसंबर तक का समय लग सकता है। लगातार हो रहीं फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी के बीच यात्रियों के लिए राहत फिलहाल दूर नजर आ रही है।
सरकार ने इंडिगो को ठहराया जिम्मेदार
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने साफ कहा है कि नए FDTL नियम 1 नवंबर से लागू हैं, लेकिन इन नियमों की वजह से किसी दूसरी एयरलाइन को कोई परेशानी नहीं हुई। ऐसे में यह स्पष्ट है कि मौजूदा हालात के लिए सीधे तौर पर इंडिगो की लापरवाही जिम्मेदार है।
जांच के आदेश, एक्शन तय
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है। इससे साफ है कि सरकार इस संकट को हल्के में लेने के मूड में नहीं है।
"5 से 10 दिनों में पूरी बहाली की उम्मीद" - CEO एल्बर्स
एल्बर्स ने कहा कि अगले कुछ दिनों में ऑपरेशन धीरे-धीरे सुधरेंगे और 10 से 15 दिसंबर के बीच सेवाएं सामान्य होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, हमने पिछले कुछ दिनों में गंभीर परिचालन बाधाओं का सामना किया है। हमने सिस्टम और शेड्यूल का पूरा रीबूट किया है, जिसके कारण आज सबसे ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। लेकिन हमें उम्मीद है कि 6 दिसंबर को रद्द उड़ानों की संख्या 1,000 से कम रहेगी।
CEO एल्बर्स ने यात्रियों से बड़े स्तर पर हुई देरी और रद्द उड़ानों के लिए माफी मांगी। उन्होंने कहा, 19 सालों में हमारे पैसेंजर्स ने जो भरोसा दिखाया है, इन परिस्थितियों ने उसे प्रभावित किया है। इसके लिए हम अत्यंत क्षमाप्रार्थी हैं। उन्होंने बताया कि फ्रंटलाइन स्टाफ और ग्राउंड टीमें 'वॉर-रूम मोड' में 24 घंटे काम कर रही हैं ताकि स्थिति को जल्द से जल्द नियंत्रण में लाया जा सके।
इंडिगो ने बनाई तीन-स्तरीय कार्ययोजना
इंडिगो के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर ने बताया कि एयरलाइन ने परिचालन को फिर से पटरी पर लाने के लिए तीन प्रमुख कदम उठाए हैं-
1. कस्टमर कम्यूनिकेशन और सहायता
- प्रभावित यात्रियों को लगातार मैसेज और नोटिफिकेशन भेजे जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर विस्तृत जानकारियाँ, रिफंड प्रोसेस और सहायता विकल्प साझा किए गए हैं। कस्टमर सहायता स्टाफ की क्षमता बढ़ाई गई है।
2. रद्द उड़ानों वाले यात्रियों से एयरपोर्ट न आने की अपील
- कंपनी ने स्पष्ट कहा है कि रद्द उड़ानों वाले यात्रियों को एयरपोर्ट नहीं आना चाहिए क्योंकि सभी जानकारी डिजिटल रूप से भेजी जा चुकी है।
3. शुक्रवार को बड़े पैमाने पर कैंसिलेसन का फैसला
- शुक्रवार को उड़ानें इसलिए रद्द की गईं ताकि क्रू, फ्लाइट्स और शेड्यूल को दोबारा सही क्रम में लाया जा सके। जिससे शनिवार, 6 दिसंबर से सुधार की शुरुआत हो सके।
एल्बर्स ने बताया कि DGCA द्वारा फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट (FDTL) में राहत दिए जाने से ऑपरेशनल प्रबंधन में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय और DGCA के साथ समन्वय कर एयरलाइन स्थिति को तेजी से स्थिर करने में जुटी है।
सरकार ने बिठाई उच्च-स्तरीय जांच
इधर, यात्रियों की बढ़ती परेशानियों को देखते हुए केंद्र सरकार ने इंडिगो की इस बड़े पैमाने की गड़बड़ी पर उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा इस अव्यवस्था के मूल कारण क्या हैं,लापरवाही कहाँ हुई और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए क्या उपाय आवश्यक हैं
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 24×7 कंट्रोल रूम बनाया है, जो एयरलाइन के साथ मिलकर स्थिति की निरंतर निगरानी कर रहा है।
यात्रियों को भारी परेशानी, एयरपोर्टों पर लंबे इंतज़ार
चार दिनों से जारी कैंसिलेशन और देरी के कारण हजारों यात्री देशभर के एयरपोर्ट पर फंसे हैं। कई जगहों पर यात्रियों ने एयरलाइन के काउंटरों पर विरोध जताते हुए स्पष्ट जानकारी और सहायता की मांग की। सरकार और एयरलाइन दोनों ने यात्रियों से धैर्य रखने की अपील की है।
इंडिगो के सिस्टम रीबूट और शेड्यूलिंग अव्यवस्था के चलते यह संकट पिछले कई सालों में किसी भी भारतीय एयरलाइन का सबसे बड़ा ऑपरेशनल क्राइसिस बन गया है।












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