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IndiGO संकट के बीच अब DGCA का सहारा, नियमों में दी ढील! कैसे हुई थी स्टाफ की अचानक कमी?

IndiGo Crisis: देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन इंडिगो इस वक्त ऐसे ऑपरेशनल संकट से जूझ रही है, जिसे भारतीय एविएशन उद्योग के लिए पिछले कई सालों का सबसे बड़ा व्यवधान माना जा रहा है। चार दिनों से लगातार उड़ानें रद्द होने का सिलसिला जारी है और शुक्रवार को तो हालात इतने बिगड़ गए कि देशभर में लगभग 400 फ्लाइट्स एक साथ रद्द करनी पड़ीं। दिल्ली एयरपोर्ट पर तो स्थिति और पेचीदा हो गई, जहां सभी 200 उड़ानें रोकनी पड़ीं।

इससे यात्रियों में भारी नाराजगी फैल गई, कई ने रात एयरपोर्ट पर ही बिताई और सोशल मीडिया पर एयरलाइन की जमकर आलोचना होने लगी।सुबह से ही यात्रियों में गुस्सा देखने को मिला और कई लोगों ने सोशल मीडिया पर कंपनी से जवाबदेही की मांग भी की। इस अफरातफरी के बीच DGCA द्वारा नियमों में दी गई तत्काल राहत उम्मीद की एक किरण जरूर है। लेकिन सवाल अभी भी बड़ा है-क्या यह कदम इंडिगो को इस अभूतपूर्व संकट से निकाल पाने के लिए पर्याप्त होगा?

IndiGO Crisis

DGCA ने नियमों में ढील दी

बढ़ती अव्यवस्था के बीच DGCA ने इंडिगो को राहत देते हुए एक अहम क्लॉज वापस ले लिया है। पहले एयरलाइंस को साप्ताहिक आराम को छुट्टी के साथ जोड़ने की अनुमति नहीं थी, लेकिन अब इस रोक को हटाया गया है। यह बदलाव तुरंत लागू होगा और माना जा रहा है कि इससे एयरलाइन के रोस्टर पर दबाव कुछ कम हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह कदम मौजूदा संकट को काबू में लाने में मदद कर सकता है।

ये भी पढ़ें: IndiGo Crisis: किस महासंकट में फंसी है इंडिगो एयरलाइन्स? एक महीने में कैंसिल करनी पड़ी 1200 से अधिक फ्लाइट्स

स्टाफ की अचानक कमी कैसे हुई?

इंडिगो ने साफ कहा है कि पायलटों की भारी कमी मौजूदा संकट की सबसे बड़ी वजह है। 1 नवंबर से नए FDTL नियम लागू किए गए हैं, जिसके बाद पायलटों के ड्यूटी घंटे सीमित हो गए हैं। नए नियमों के चलते

  • पायलटों को ज्यादा आराम देना जरूरी हो गया,
  • ड्यूटी शेड्यूल दोबारा तैयार करना पड़ा,
  • और क्रू की उपलब्धता अचानक कम हो गई।

एयरलाइन का कहना है कि इन बदलावों की वजह से सैकड़ों फ्लाइट्स संचालन से बाहर हो गईं और स्टाफ की कमी का असर पूरे नेटवर्क पर पड़ा। इंडिगो का दावा है कि कामकाज 10 फरवरी तक सामान्य कर लिया जाएगा।

नए FDTL नियम क्या हैं?

दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद DGCA ने 1 नवंबर से ये नियम लागू किए थे। इनका मकसद पायलटों की थकान कम करना और सुरक्षा बेहतर करना बताया गया था। मुख्य प्रावधान इस प्रकार हैं:

  • पायलटों को हर हफ्ते लगातार 48 घंटे का अनिवार्य आराम।
  • रात 12 से सुबह 6 बजे तक की ड्यूटी में अधिकतम दो लैंडिंग की अनुमति।
  • क्रू मेंबर को लगातार दो से ज्यादा रात की ड्यूटी में नहीं लगाया जा सकता।
  • रात के समय ड्यूटी घंटे पहले की तुलना में और कम कर दिए गए।

इन नियमों से पायलटों के लिए आराम बढ़ा है, लेकिन एयरलाइंस को रोस्टर दोबारा बनाने में बड़ी मुश्किलें आ रही हैं।

DGCA को राहत क्यों देनी पड़ी?

इंडिगो के अनुसार नए नियमों से

  • रोस्टरिंग जटिल हो गई,
  • पायलटों के उपलब्ध घंटों में भारी कमी आई,
  • और बड़ी संख्या में फ्लाइट्स समय पर नहीं चलाई जा सकीं।

संकट गंभीर होने पर DGCA ने साप्ताहिक आराम और छुट्टी को जोड़ने वाली रोक हटाकर कंपनियों को कुछ लचीलापन देने का फैसला किया।

विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे एयरलाइन थोड़ा अतिरिक्त स्टाफ रोस्टर में डाल पाएगी और अगले कुछ दिनों में परिस्थिति बेहतर हो सकती है, हालांकि राहत कितनी तेज होगी यह आने वाला सप्ताह बताएगा।

ये भी पढ़ें: दिल्ली से IndiGo की आज की सभी 235 फ्लाइट्स कैंसिल, पूरे देश में 500 से ज्यादा विमान रद्द, क्यों मचा है हाहाकार

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