जिहादी समूहों नहीं ISI के कब्जे में हैं भारत से पाक गए दो सूफी संत
भारत से पाक गए दो सूफी संत कराची से ही गायब हैं। उनकी आखिरी फोटो लाहौर में एक से दरगाह से आई और उसके बाद अब तक उनसे कोई बात हीं हो पाई है।
नई दिल्ली। भारत ने दो सूफी संतो के गायब होने के मामले में पाक को जवाब दिया है। भारतीय खुफिया एजेंसियों ने कहा कि यह बात निश्चित है कि ये दोनों सूफी संत, जिहादी समूहों द्वारा गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि दोनों सूफी संत इंटर सर्विस इंटेलीजेंस (आईएसआई) के कब्जे में हैं।

हालांकि अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल इस बात की जानकारी नहीं है कि खुफिया एजेंसियां उन्हें पाकिस्तान में कहां ले गई हैं। माना जा रहा है कि वो लोग कुछ जानकारी देना चाहते होंगे लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है। सूत्र का कहना है कि उनकी ओर से अभी तक कोई बातचीत नहीं हुई है।
इससे पहले भारत ने पाकिस्तान के समक्ष हरजत निजामुद्दीन दरगाह के खादिम और उनके भतीजे के पाक में गायब होने का मामला उठाया था। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शुक्रवार को कहा था कि सैयद आसिफ निजानी और उनके भतीजे नजीम निजामी, कराची एयरपोर्ट पर लैंड करने के अगले दिन के बाद से ही गायब हैं। पाकिस्तान सरकार से अनुरोध किया गया है कि दोनों भारतीयों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
ट्विटर पर सुषमा स्वराज ने लिखा था कि हमने यह मामला पाकिस्तान सरकार के समक्ष उठाया है और उनसे भारतीय राष्ट्रीयता के दोनों लोगों के बारे में ताजा जानकारी से अवगत कराएं। बता दें कि 80 वर्षीय सैयद आसिफ निजामी, दिल्ली स्थित हजरत निजामुद्दीन औलिया दरगाह में मुख्य पुजारी (सज्जादनशीं) हैं।
स्वराज ने जानकारी ट्विटर के जरिए जानकारी दी थी कि दोनों 8 मार्च 2017 को पाकिस्तान गए थे। बता दें कि दोनों, लाहौर स्थित दाता दरबार गए थे और बुधवार को उन्हें कराची से फ्लाइट पकड़नी थी। दोनों लाहौर जाने से पहले कराची अपने रिश्तेदारों से मिलने गए थे।
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