संयुक्त राष्ट्र की SDG's 2020 सूची में शामिल हुआ भारतीय युवक उदित सिंघल का नाम
नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य 2020 के युवा प्रणेताओं की सूची में भारतीय युवक उदित सिंघल का नाम भी शामिल हो गया है। वह महज 18 साल के हैं। ये उन युवाओं को प्रोत्साहन देने का एक अहम मंच है, जो दुनिया के समक्ष आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए प्रयास कर रहे हैं। वहीं उदित की बात करें तो उन्हें 17 युवाओं की सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) 2020 की सूची में शामिल किया गया है। वह कचरे के निपटारे के लिए काफी अहम भूमिका निभा रहे हैं।

उदित सिंघल 'ग्लास2सैंड' के संस्थापक हैं, जो एक तरह का कचरा रहित पारिस्थितिकी तंत्र है। जिसकी मदद से दिल्ली में कांच के बढ़ते कचरे को कम करने के लिए काम किया जाता है। ऑफिस ऑफ द सेक्रेट्री-जनरल इनवॉय ऑन यूथ ने एक बयान जारी कर कहा है कि इस तरह की पहल से कांच के निपटारे में मदद मिलेगी। इससे कांच की बोतलों को कचरा घरों में फेंकने से रोका जाता है। इस तरह की बोतलों को व्यावसायिक तौर पर इस्तेमाल किया जाता है और इसे रेत में तब्दील कर दिया जाता है।
वहीं इस उपलब्धी पर उदित ने कहा कि, 'मैं एसडीजी के एक युवा प्रणेता के तौर पर बदलाव लाने की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य करूंगा। मैं इस बात की भी उम्मीद करता हूं कि लोगों को एक बेहतर नागरिक बनने के लिए प्रेरित कर सकूं।' आपको बता दें उदित द्वारा की जा रही इस खास पहल के तहत कांच की बोतलों को गड्ढों आदि में फेंकने से रोका जाता है, जहां वे दस लाख वर्षों तक भी विघटित नहीं होंगी। इसके बाद इन्हें उपयोगी रेत में परिवर्तित किया जाता है। दिल्ली के ब्रिटिश स्कूल में पढ़ने वाले उदित को 2018 में इस प्रोजेक्ट का विचार आया था, जब कांच की बोतलें किसी काम की नहीं रहीं और इनकी मांग में भी गिरावट होने लगी थी।
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