भारतीय रुपया 83.80 प्रति डॉलर के सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंचा, जानिए गिरावट की असल वजह
वैश्विक बाजार में चल रही भारी बिकवाली के चलते दुनिया भर के कारोबार पर असर देखने को मिल रहा है। भारतीय रुपया सोमवार को कमजोर रुख के साथ खुला और अमेरिकी डॉलर की तुलना में 83.80 के सर्वकालिक निचले स्तर पर आ गया है। विदेशी मुद्रा कारोबारी के मुताबिक घरेलू मुद्रा में तेज गिरावट की मुख्य वजह भारतीय शेयर बाजारों में आई गिरावट और विदेशी पूंजी की निकासी है। अमेरिका के अनुमान से खराब जॉब रिपोर्ट से मंदी का जोखिम बढ़ गया है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से भी हालत खराब हो गए हैं।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 83.78 प्रति डॉलर पर खुला और शुरुआती सौदों के बाद सर्वकालिक निचले स्तर पर 83.80 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। यह पिछले सत्र में हुए बंद भाव से 8 पैसे की गिरावट दिखता है। भारतीय रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 83.72 पर बंद हुआ था।

इस दौरान 6 प्रमुख करेंसी के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को रखने वाला डॉलर इंडेक्स 0.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 102.95 पर रहा। वैश्विक तेल मानक ब्रांड क्रूड वायदा 0.30 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77.04 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
आपको बता दें कि घरेलू बाजार सोमवार को बड़ी गिरावट के साथ खुले हैं। बीएसई सेंसेक्स 2,393.76 अंकों की गिरावट के साथ 78,588.19 अंकों पर खुला। इसके साथ ही एनएसई निफ्टी 50 भी 414.85 अंकों के नुकसान के साथ 24,302.85 अंकों पर खुला।
पिछले हफ्ते शेयर बाजार में शुक्रवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स शुक्रवार को 885.07 अंक और निफ्टी 293.20 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुए थे। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशक शुक्रवार को कैपिटल मार्केट में बिकवाल रहे। उन्होंने शुक्रवार को शुद्ध रूप से 3,310.00 करोड़ रुपए के शेयर बेचकर पैसे निकाल लिए थे।












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