सीमा विवाद के बीच चीन को एक और झटका, भारतीय रेलवे ने रद्द किया ये बड़ा टेंडर
Indian Railway Project: लद्दाख में पिछले 7 महीनों से एलएसी पर भारत और चीन के बीच सीमा को लेकर विवाद चल रहा है। इस विवाद में जहां भारतीय सेना चीनी सैनिकों को पीछे खदेड़ रही, तो वहीं दूसरी ओर भारत सरकार चीनी कंपनियों पर लगाम कस रही है। साथ सरकारी उपक्रमों से लगातार चीनी कंपनियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। अब भारतीय रेलवे ने अपने एक प्रोजेक्ट में चीन को बड़ा झटका दिया है। जिस वजह से भारतीय कंपनी को ये प्रोजेक्ट मिला गया।

दरअसल भारतीय रेलवे 'वंदे भारत' नाम से हाईस्पीड ट्रेन चला रही है। भविष्य में इनकी संख्या और बढ़ानी है, जिस वजह से ट्रेन सेट के निर्माण की नीलामी प्रक्रिया जारी है। इस प्रोजेक्ट में से अब चीनी कंपनी को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। साथ ही उनके टेंडर को भी अयोग्य घोषित कर दिया गया। वंदे भारत ट्रेन के 44 डिब्बों को तैयार करना है, जिस पर 1800 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सीआरपीसी पायनियर इलेक्ट्रिक इंडिया भी नीलामी प्रक्रिया में शामिल हुई थी। ये कंपनी चीन की कंपनी CRRC Yongji Electric Ltd और भारत की पायनियर लिमिटेड का ज्वाइंट वेंचर थी। इस वजह से इसे अयोग्य ठहराया गया। वहीं चीनी कंपनी के बाहर होने के बाद BHEL और Medha Servo Drives ही नीलामी प्रक्रिया में बचीं। जिसमें Medha ने सबसे कम बोली लगाई है। ऐसे में उसको ट्रेन के दो सेट का प्रोजेक्ट मिला है।
सिंग्नल से जुड़ा प्रोजेक्ट किया था रद्द
वहीं भारतीय रेलवे ने ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के सिग्नल और दूरसंचार कार्य एक चीनी कंपनी को ठेका दिया था। इसके बाद चीन के साथ भारत का विवाद हुआ और रेलवे ने तुरंत इस ठेके को रद्द कर दिया। उस दौरान रेलवे ने ठेका रद्द करने के पीछे काम की गति कम होने का हवाला दिया था। हालांकि बाद में चीनी कंपनी ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।












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