दिल्ली का 'रॉबिनहुड': कैसे देता था पुलिस को चकमा और कैसे फंसा जाल में?

उसे दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाक़े में 'रॉबिनहुड' के नाम से जाना जाता है. पुलिस को अपराध के 35 मामलों में उसकी तलाश थी. उस पर पुलिस की टीम पर गोली चलाने का भी आरोप है.

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे रविवार को गिरफ़्तार कर लिया. इस शातिर अपराधी का नाम है वसीम अकरम उर्फ़ लंबू.

पुलिस का कहना है कि पहले वो दिल्ली में 125 से ज़्यादा आपराधिक मामलों में लिप्त था. उसके ख़िलाफ़ 15 ताज़ा मामले दर्ज किए गए हैं और 20 मामलों में उसके ख़िलाफ़ दिल्ली की तमाम अदालतों में आपराधिक मामलों में 'घोषित अपराधी' के रूप में सुनवाई चल रही है.

उस पर हत्या और बलात्कार की कोशिश के भी आरोप हैं.

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के डिप्टी पुलिस कमिश्नर जसमीत सिंह ने बताया कि इंसपेक्टर शिव कुमार और पवन कुमार के नेतृत्व में और एसीपी अत्तर सिंह के सुपरविज़न में पुलिस की एक टीम ने कुख्यात हिस्ट्री शीटर वसीम अकरम को गिरफ़्तार कर लिया है. वसीम अकरम जहांगीरपुरी इलाके के सीडी पार्क का रहनेवाला था.

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गैंग और अपराध का तरीका

वसीम अकरम उस गैंग का सरगना था जिसके 25 से ज़्यादा सदस्य थे. ये गैंग दिल्ली के पॉश इलाकों में दिन के वक़्त बंद घरों की रेकी किया करता था और रात में उन घरों का ताला तोड़कर घुसता था और नक़दी और गहने चुरा लिया करता था.

डिप्टी पुलिस कमिश्नर जसमीत सिंह ने बताया, ''जहांगीरपुरी इलाके के सीडी ब्लॉक में वसीम की 'रॉबिनहुड' जैसी छवि थी क्योंकि वो ग़रीबों की आर्थिक मदद किया करता था. इस वजह से इलाके में उसके काफ़ी चाहने वाले थे. जब पुलिस अकरम को पकड़ने आती थी तो उसके चाहनेवाले यही लोग पुलिस की गतिविधियों की ख़बर उसे दे दिया करते थे और वो फ़रार हो जाता था.''

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'रॉबिनहुड' को कैसे पकड़ा गया

डिप्टी पुलिस कमिश्नर जसमीत सिंह ने बताया, ''वसीम को दिल्ली के आनंद विहार स्टेशन के नज़दीक 19 अगस्त को तड़के पकड़ा गया. उसके पास से .315 बोर की एक सिंगल शॉट पिस्तौल और तीन ज़िंदा कारतूस बरामद हुई है.''

पुलिस ने बताया कि 19 अगस्त को आनंद विहार रेलवे स्टेशन इलाके में उसके होने के बारे में पुलिस को जानकारी मिली थी. वो वहां अपने जानकारों से मिलने गया था. इस सुराग के आधार पर पुलिस ने आनंद विहार रेलवे स्टेशन इलाके में जाल बिछाया और वसीम अकरम को पकड़ लिया गया.

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पहले भी पुलिस को दिया था चकमा

पुलिस के मुताबिक़, 20 जून 2021 को वसीम अपने चार सहयोगियों के साथ कोटला मुबारकपुर इलाके में वैगन आर कार में घूम रहा था. संदेह होने पर कोटला मुबारकपुर पुलिस स्टेशन के एसएचओ ने थानाकर्मियों के साथ उसका कश्मीरी गेट आईएसबीटी तक पीछा किया और कार में बैठे सभी पांच अभियुक्तों को रोकने की कोशिश की. लेकिन वसीम और उसके साथियों ने पुलिस पर गोली चलाना शुरू कर दिया.

पुलिस ने बताया कि इस कार्रवाई में वसीम के तीन साथी मौके पर ही पकड़े गए, लेकिन वसीम वहां से भागने में कामयाब हो गया.

जसमीत सिंह ने कहा, '' अकरम की 35 आपराधिक मामलों में तलाश थी जिसमें कोटला मुबारकपुर की पुलिस टीम पर कश्मीरी गेट आईएसबीटी में गोली चलाने की घटना भी शामिल थी.''

पुलिस के मुताबिक़, वसीम अकरम अपने छिपने की जगह और लोकेशन लगातार बदलता रहता था. गिरफ़्तारी से बचने के लिए वो दिल्ली, पश्चिम बंगाल, बिहार और हरियाणा में जगहें बदलता रहता था.

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