आत्मनिर्भर भारत: स्वदेशी बूस्टर के साथ INS कोलकाता से दागी गई ब्रह्मोस मिसाइल, टारगेट तबाह
भारतीय नौसेना ने स्वदेशी बूस्टर के साथ ब्रह्मोस मिसाइल का सफल परीक्षण किया। ये परीक्षण अरब सागर में हुआ है।

मोदी सरकार लगातार आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा दे रही। जिसके तहत रक्षा उपकरणों को देश में ही तैयार करने पर जोर दिया जा रहा। ये प्रोजेक्ट काफी हद तक सफल होता दिखाई दे रहा। इसी क्रम में रविवार को नौसेना के जहाज से बूस्टर के साथ ब्रह्मोस मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया। ये पूरी तरह से सफल रहा। जिसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा।
मामले में भारतीय नौसेना ने कहा कि डीआरडीओ द्वारा डिजाइन किए गए स्वदेशी सीकर और बूस्टर के साथ ब्रह्मोस मिसाइल ने अरब सागर में एक सफल सटीक हमला किया, जो आत्मनिर्भरता के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। नौसेना के मुताबिक मिसाइल का परीक्षण कोलकाता श्रेणी के निर्देशित मिसाइल विध्वंसक युद्धपोत से किया गया। मिसाइल में स्वदेशी सामग्री बढ़ाने पर ब्रह्मोस एयरोस्पेस लगातार काम कर रहा है।
रूस के साथ मिलकर की गई तैयार
आपको बता दें कि ब्रह्मोस दुनिया की सबसे खतरनाक मिसाइलों में से एक है। इसे रूस की एनपीओ मशीनोस्ट्रोयेनिया और भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने मिलकर तैयार किया है। पहले ये मिसाइल रूस से आयात की जाती थी, लेकिन डीआरडीओ लगातार इसमें जरूरत के हिसाब से बदलाव कर रहा। साथ ही उसकी कोशिश इसमें ज्यादा से ज्यादा स्वदेशी उपकरण लगाने की है। इस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को पनडुब्बी, युद्धपोत, फाइलट प्लेन, जमीन यानी सब जगह से लॉन्च किया जा सकता है। इसके ज्यादातर परीक्षण सफल रहे हैं।
कितनी है रेंज?
शुरुआत में इसकी रेंज 290 किलोमीटर थी, लेकिन बाद में इसे अपग्रेड किया गया। अब ये 300-500 किमी की दूरी तक मार करने में सक्षम है। ये रेंज इसकी लॉन्चिंग के तरीके पर भी निर्भर करती है। पिछले साल सुखोई-30MKI फाइटर जेट्स से इसको फायर किया गया था, तब वायुसेना ने इसकी रेंज 500 किमी बताई थी। ये मिसाइल ध्वनि की रफ्तार से तीन गुना तेज रफ्तार से जाकर हमला कर सकती है।












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