सेक्स चेंज करवा मर्द से औरत बनी साबी को नेवी ने किया बर्खास्त, जानिए उसकी दर्दनाक कहानी
नई दिल्ली। नेवी में सेलर की नौकरी मिलने के बाद सेक्स चेंज करवाकर मनीष गिरी अब साबी गिरी (पुरुष से महिला) बन चुके हैं। इंडियन नेवी ने सर्विस नियम (सर्विस नो लॉन्गर रिक्वायर्ड {एसएनएलआर}) का हवाला देते हुए साबी को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। उल्लेखनीय है कि नियम के मुताबिक नेवी में सेलर की नौकरी पर सिर्फ पुरुषों की भर्ती की जाती है। जारी किए गए बर्खास्त पत्र में कहा गया है, 'व्यक्ति विशेष ने अपनी शर्तों पर अपना सेक्स चेंज करवाने का विकल्प अपनाया।' नेवी ने यह भी कहा है 'छुट्टी के दौरान सेक्स चेंज करवाने पर उन्हें उनकी सेवाओं से हटाया जाता है।' आपको बता दें कि साबी की उम्र 25 वर्ष है और उन्होंने अक्टूबर 2016 में नई दिल्ली में एक निजी क्लीनिक में अपनी सर्जरी करवाई थी। अब साबी ने अपनी दर्दनाक कहानी बयां की है। आइए आपको विस्तार से बताते हैं मनीष से साबी बनने और फिर इस दौरान गुजरे उसके दर्दनाक दिनों की पूरी कहानी।

मनीष को होने लगा एहसास कि उनका शरीर महिलाओं जैसा क्यों नहीं है
गिरी के मुताबिक 17 साल की उम्र में साल 2010 में उसने नेवी ज्वाइन किया था। उस वक्त वो पुरुष थे। बचपन से ही उनका सपना- नेवी की यूनिफॉर्म पहनने का था। लेकिन नेवी में आने के छह साल बाद में यह सपना बिखराव की ओर बढ़ने लगा। गिरी के मुताबिक 2016 के शुरुआत में उन्हें एहसास होने लगा कि उनके शरीर से कोई अंग मिसिंग है। उन्हें यह ख्याल आने लगा कि उनका शरीर महिलाओं जैसा क्यों नहीं है। मनीष उर्फ साबी के मुताबिक यह उसके लिए डरा कर रख देने वाला सच था क्यों वो बिहार के एक छोटे से गांव से ताल्लुक रखता था। इससे भी बड़ा कारण ये कि वो इंडियन नेवी में बतौर मरीन इंजीनियर तैनात था।
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नीद नहीं आती थी, सोच कर ही डर लगता था
साबी के मुताबिक 'मुझे लगता है कि मुंबई में क्या, पूरे देश मेरे जैसा कोई नहीं होगा। मैं अपने ख्यालों से बुरी तरह डर गई थी। ये बातें किसी को बता भी नहीं पाई। पता नहीं लोग क्या सोचते।' स्ट्रेस के कारण नींद चली गई। वह डरने लगी। फिर उसने हिम्मत जुटाकर नेवी के एक डॉक्टर से सलाह ली। यही वाकया उसके लिए जिंदगी की सबसे बड़ी मुश्किल ले आया।

10 दिन रही अस्पताल में फिर हुआ वही
मनीष उर्फ साबी के मुताबिक उस वक्त डाक्टर ने उसे कहा कि वो उसका इलाज कर सकता है। इसके अलावा उससे किसी भी मदद की उम्मीद न की जाए। मनीष 10 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहा और फिर घर आ गया। मनीष ने बताया कि कुछ दिनों तक तो सब ठीक रहा लेकिन फिर उन्हें वहीं अहसास आने लगे। मनीष ने बताया कि 'जब भी मैं डॉक्टर से मिलने जाती थी, यही कहती थी कि मुझे असहज महसूस हो रहा है। ये शरीर बोझिल लगने लगा है। प्लीज मेरी मदद कीजिए।' लेकिन नेवी के डॉक्टर इस मामले में कुछ नहीं सकता था।

मर्द से औरत बनने की तरफ पहला कदम बढ़ा LGBT ग्रुप में
मनीष उर्फ साबी ने बताया कि इस अहसास से वो इसकदर तंग आ चुकी थी कि उसने खुदकुशी करने की सोची। लेकिन फिर एक बार उसे फेसबुक पर LGBT ग्रुप दिखा। उसने फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी, जोकि एक्सेप्ट हो गई। एक पुरुष से महिला बनने की ओर गिरी का यह पहला कदम था। अब उसके दोस्त ऐसे लोग थे, जो उसकी परेशानी बहुत अच्छी तरह समझ सकते थे। एलजीबीटी कम्युनिटी के लोगों से मिलने पर गिरी को बहुत अच्छा लगने लगा। उसे लगा यही उसकी दुनिया है।

दिल्ली में सर्जरी करा बन गई औरत
गिरी ने बताया कि अब उसने यह तय कर लिया था कि उसे पुरुष से महिला बनना है। उसने बाहर अपना इलाज करना शुरू कर दिया। तीन महीने तक हार्मोन थेरपी चली। गिरी ने कहा, 'जैसे ही मेरे शरीर में बदलाव आने लगे, सब अच्छा लगने लगा। मुझे मेरी पहचान मिल रही थी।' अक्टूबर 2016 में उसने 22 दिनों की छुट्टी ली। दिल्ली में आखिरी सर्जरी कराई। अब वह पूरी तरह पुरुष से महिला बन चुकी थी।

कैसे हुआ खुलासा सेक्स चेंज का
गिरी किसी को बिना कुछ बताए दिल्ली से विशाखापत्तनम लौट गई। चुपचाप ड्यूटी जॉइन कर ली। लेकिन किस्मत को ये शांति मंजूर नहीं थी। उसके यूरिनरी सिस्टम में इन्फेक्शन हो गया। मजबूरन उसे नेवी डॉक्टर के पास जाना पड़ा। डॉक्टर को पता चल गया कि गिरी ने अपना सेक्स चेंज करवाया है। उसकी शिकायत हो गई। उसे नौकरी के लिए मानसिक रूप से अस्वस्थ घोषित करते हुए पांच महीने के इलाज के लिए कोलकाता के मानसिक रोगी वॉर्ड भेजा गया। गिरी ने बताया, 'ये पांच महीने मैंने जेल में कैदी की तरह गुजारे। मुझे पीटा भी गया।'












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