NIA कोर्ट ने इंडियन मुजाहिदीन के 4 आतंकियों को दी 10 साल की सजा, कई जगहों पर कर चुके हैं विस्फोट
NIA Indian Mujahideen conspiracy Case: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने बुधवार को पूरे भारत में बम विस्फोट कराने के लिए पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों द्वारा रची गई साजिश से संबंधित इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) साजिश मामले में चार लोगों को 10 साल कैद की सजा सुनाई है।
चारों आरोपी आईएम के सदस्यों के साथ मिले हुए थे, जिनमें पाकिस्तान स्थित प्रमुख आरोपी रियाज भटकल और भारत में रहने वाले यासीन भटकल भी शामिल था।

आतंकवाद रोधी एजेंसी NIA ने कहा कि चारों आरोपियों ने हैदराबाद और दिल्ली सहित महत्वपूर्ण जगहों की रेकी की थी और विस्फोटकों के साथ-साथ हथियार और गोला-बारूद भी खरीदा था।
आरोपियों की पहचान दानिश अंसारी (दरभंगा, बिहार) आफताब आलम (पूर्णिया, बिहार), इमरान खान (नांदेड़, महाराष्ट्र) और ओबैद-उर-रहमान (हैदराबाद, तेलंगाना) के रूप में हुई, उन्हें 7 जुलाई को गैरकानूनी गतिविधियों (रोकथाम) के तहत दोषी ठहराया गया था। उन्हें जनवरी और मार्च 2013 के बीच गिरफ्तार किया गया था।
बुधवार को सुनाई गई सजा के तहत विशेष न्यायाधीश ने आरोपी दानिश अंसारी पर दो हजार रुपये और आफताब आलम पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। विशेष अदालत ने इससे पहले इस साल 31 मार्च को इन चारों समेत सात अन्य के खिलाफ आरोप तय किए थे। अन्य सात की पहचान यासीन भटकल, असदुल्ला अख्तर, जिया-उर-रहमान, तहसीन अख्तर और हैदर अली के रूप में की गई है। उनके खिलाफ मुकदमा जारी है।
यह मामला इंडियन मुजाहिदीन के सदस्यों द्वारा रची गई साजिश से संबंधित है, जो देश में अलग-अलग जगहों विस्फोटों को अंजाम देने के लिए जिम्मेदार है, जिसमें मार्च 2006 के वाराणसी विस्फोट, जुलाई 2006 के मुंबई सिलसिलेवार विस्फोट, वाराणसी, फैजाबाद और यूपी अदालतों में सिलसिलेवार विस्फोट, नवंबर 2007 में लखनऊ, अगस्त 2007 में हैदराबाद में दोहरा विस्फोट शामिल हैं।
इसके अलावा जयपुर सीरियल ब्लास्ट, दिल्ली सीरियल ब्लास्ट और 2008 में अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट भी इसी लिस्ट में शुमार है। एनआईए ने कहा कि 2010 के चिन्नास्वामी, बेंगलुरु स्टेडियम विस्फोट और 2013 के हैदराबाद दोहरे विस्फोट के पीछे भी आईएम का हाथ था।












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