Badar Khar Suri: बदर खान सूरी की गिरफ्तारी पर भारत सरकार ने साफ किया रूख, जानें पाकिस्तान को लेकर क्या कहा?
Badar Khar Suri: विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार, 21 मार्च को प्रेस कांफ्रेंस में देश-दुनिया के तमाम मुद्दों पर चर्चा करते हुए जानकारी साझा की है। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भारत-अमेरिका व्यापार संबंध, यूक्रेन-रूस, पाकिस्तान और बांग्लादेश की बढ़ती नजदीकियों पर पत्रकारों के कई सवालों के जवाब दिए।
भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जवाब दे रहे प्रवकता ने बदर खान सूरी पर भी अपना रुख बता दिया। जानें रणधीर जायसवाल ने क्या-क्या कहा..

Badar Khar Suri पर सरकार का रुख
अमेरिका में हिरासत में लिए गए भारतीय रिसर्चर बदर खान सूरी के बारे में रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस मामले में हमें कोई जानकारी नहीं हैं। हमें मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से यह जानकारी मिली है कि इस व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। न तो अमेरिकी सरकार और न ही उस व्यक्ति ने हमसे या दूतावास से कोई संपर्क किया है।
टैरिप पर क्या कहा?
भारत और अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार वार्ता को लेकर कहा कि दोनों सरकारें बीटीए (Bilateral Trade Agreement) के लिए एक रूपरेखा बनाने के लिए काम कर रही हैं जिसका मकसद व्यापार का विस्तार करना और बाजार पहुंच को बढ़ाना है। इसके साथ दोनों देशों के बीच सकुशल व्यापार को जारी रखने के लिए टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को भी कम करना होगा।
यूक्रेन पर दिया कूटनीतिक जवाब
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "यूक्रेन-रूस संघर्ष पर हमारी स्थिति सर्वविदित और समझी हुई है। हमने हमेशा दोनों पक्षों और अन्य हितधारकों के बीच संवाद और कूटनीति के माध्यम से गंभीर और व्यावहारिक जुड़ाव की वकालत की है ताकि युद्ध का स्थायी समाधान निकाला जा सके। संघर्ष के दोनों पक्षों के साथ-साथ अन्य हितधारकों के साथ हमारी बातचीत इस व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप रही है।
यह पूछे जाने पर कि क्या प्रधानमंत्री मोदी बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के दौरान बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस से मिलेंगे? इस पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस समय मेरे पास आपसे साझा करने के लिए कोई अपडेट नहीं है।
पाकिस्तान के मुद्दे पर तटस्थता
पाकिस्तान के साथ असली मुद्दा सीमा पार आतंकवाद को सक्रिय रूप से बढ़ावा देना और है और इसे दुनिया जानती है।ये क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सबसे बड़ी बाधा है। वहीं भारत-कनाडा संबंधों पर बात करते हुए विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों देशों के बीच आई खटास की वजह कनाडा द्वारा अपने देश में चरमपंथी और अलगाववादी तत्वों को दी गई छूट है।












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