महिला की आंख में घुसी तीन मक्खियां, अमेरिका में नहीं हुआ इलाज तो भारतीय डॉक्टरों किया कमाल

नई दिल्ली, 22 फरवरी: मानव शरीर के अंगों में सबसे सेंसिटिव अंग आंख होती है। थोड़ी सी भी दिक्कत लोगों को भारी परेशानी में डाल देती है। सोचिए अगर किसी की आंख में एक नहीं तीन-तीन मक्खियां अपना डेरा जमा लें, तो उसकी क्या हालत होगी। ये कल्पना नहीं बल्कि सच है। अमेरिका की रहने वाली एक महिला के आंख में तीन-तीन बॉट मक्खियां घुसी हुई थीं। जिसके बाद में डॉक्टरों ने ऑपरेशन के जरिए निकाला।

अमेजन घूमने गई महिला की आंख में घुसा ये खतरनाक जीव

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दरअसल महिला 2 महीने पहले अमेरिका के ही अमेजन फॉरेस्ट में घूमने गई थी। यहीं उसकी आंख में बॉट मक्खियां घुस गई थीं। जिसके बाद अमेरिकी महिला की आंख एक तरह के ऊतक संक्रमण मियासिस की दुर्लभ बीमारी से शिकार हो गयी। जब महिला भारत आई और दिल्ली स्थित डॉक्टर के पास इलाज के लिए पहुंची तो उन्होंने उसकी उसकी आंख से एक-दो नहीं बल्कि 3 जिंदा बॉट फ्लाई निकालीं।

इंडियन डॉक्टर ने सर्जरी कर बचाई जान

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अमेरिका महिला की आंख का इलाज दिल्ली स्थित वसंत कुंज के फोर्टिस अस्पताल में किया गया। अस्पताल ने बताया कि, अमेरिकी महिला दाहिनी आंख की ऊपरी पलक पर सूजन के साथ ही लाल चकते बने हुए थे और दर्द की शिकायत लेकर आपात विभाग में आयी। उसने बताया कि उन्हें पिछले चार-छह सप्ताह से ऐसा महसूस हो रहा है कि उनकी पलकों के अंदर कुछ चल रहा है। जिसके बाद डॉक्टर ने उसकी आंखों को चैक किया तो वे चौंक गए।

2 सेंटीमीटर लंबी 3 जिंदा बॉट फ्लाई आंख से निकलीं

2 सेंटीमीटर लंबी 3 जिंदा बॉट फ्लाई आंख से निकलीं

इसी बीमारी की वजह महिला की आंखों में 2 सेंटीमीटर लंबी 3 जिंदा बॉट फ्लाई थीं। अमेरिकी नागरिक के आंख की सर्जरी डॉक्टर मोहम्मद नदीम ने की। डॉ. मोहम्मद नदीम ने कहा, यह मियासिस का बहुत दुर्लभ मामला है। इन मामलों में तत्काल विस्तार से विश्लेषण की आवश्यकता होती है। डॉक्टर ने बताया कि, एनेस्थीशिया दिए बिना सभी एहतियात के साथ 10-15 मिनट में सर्जरी पूरी की गयी। इसके बाद महिला को अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी।

 अमेरिका में नहीं हुआ इलाज तो भारतीय डॉक्टरों किया कमाल

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चौंकाने वाली बात यह है कि उसने भारत आने से पहले अमेरिका में चिकित्सा विशेषज्ञों को भी दिखाया था। अमेरिका में डॉक्टर यह निदान करने में सक्षम नहीं थे कि वास्तव में इस स्थिति का कारण क्या था और उन्होंने रोगी को केवल रोगसूचक उपचार प्रदान किया था। अस्पताल ने दावा किया कि भारत में ऐसे मामले ज्यादातर ग्रामीण इलाकों से और खासकर बच्चों में सामने आते हैं जहां बॉट मक्खियां नाक के रास्ते से या त्वचों के घावों के जरिए शरीर में प्रवेश करती हैं। बॉट मक्खियां किसी के भी शरीर में नाक या त्वचा पर होने वाले घावों के रास्ते प्रवेश कर जाती हैं और बाकी हिस्सों को भी संक्रमित कर देती हैं।

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