सेना ने ली बडगाम फायरिंग की जिम्मेदारी, फायरिंग में गई थीं दो जानें
बडगाम। दो दिन पहले कश्मीर के बडगाम में हुए हादसे को शुक्रवार को भारतीय सेना 'मिस्टेकन आईडेंटिटी' के तौर पर करार दिया है। आपको बता दें कि इस हादसे में दो लोगों, जिसमें एक 14 वर्ष का लड़का भी शामिल है, की मौत हो गई थी।

शुक्रवार को नॉर्दन आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा ने मीडिया से कहा, 'सेना को सूचना मिली थी कि एक सफेद कार में कुछ आतंकवादी मौजूद हैं। ऐसे में इस सफेद कार को देखकर सेना को गलतफहमी हो गई थी।
सेना इन दोनों लड़कों की मौत की जिम्मेदारी लेती है।' इसके साथ ही सेना ने इस घटना की एक पारदर्शी जांच के आदेश भी दे दिए हैं। हुड्डा ने जानकारी दी कि अगर नियमों को तोड़ा गया होगा तो सेना की ओर से आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भारतीय सेना की ओर से बडगाम फायरिंग में मारे गए युवकों के परिजनों के लिए 10 लाख और घायलों के लिए पांच लाख रुपए के मुावजे का ऐलान भी कर दिया गया है।
स्टेट एडमिनिस्ट्रेशन की रिपोर्ट के मुताबिक बडगाम के छत्तेरगाम इलाके में एक मारुति कार तेज रफ्तार से जा रही थी। इस पर सेना के जवानों की ओर से फायरिंग हुई और इस वजह से यह बिजली के खंबे से टकरा गई। इस हादसे में दो नागरिकों की मौत हो गई। यह दोनों ही नागरिक किशोर उम्र के लड़के थे।
जहां पर यह हादसा हुआ है, वहां पर सेना की राष्ट्रीय राइफ्ल्स की यूनिट पोस्टेड है। यूनिट की ओर से दावा किया गया है कि उन्होंने फायरिंग इसलिए की क्योंकि उन्हें आतंकवादियों की मौजूदगी से जुड़े इंटेलीजेंस इनपुट मिले थे।
कार को सिग्नल देने के बाद भी यह कार नहीं रुकी और फिर सेना की ओर से फायरिंग की गई।
इस घटना के बाद से यूनिट को यहां से हटा दिया गया है। इस घटना को लेकर घाटी में सेना के खिलाफ लोगों में काफी गुस्सा है। तीन दिनों से घाटी में विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी है।
इस घटना के बाद से नौगाम इलाके में सुरक्षा बलों और स्थानीय लोगों के बीच मुठभेड़ की खबरें हैं।












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