म्यांमार के बाद भूटान में भारतीय सेना करेगी उग्रवादियों का सफाया
नई दिल्ली। म्यांमार में उग्रवादियों के खिलाफ भारतीय सेना के सफल अभियान के बाद भारत अब भूटान में उग्रवादियों पर धावा बोलने की तैयारी में हैं। भारत-भूटान सीमा पर नेशनल डेमॉक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड के उग्रवादियों की गतिविधियों को पर लगाम लगाने के लिए भारतीय सेना जल्द ही अभियान शुरु करने जा रही है।
एनडीएफबी के उग्रवादियों ने ही असम में हमला करके सैकड़ो ललोगों को मौत के घाट उतार दिया था जिसमें महिलायें और बच्चे भी शामिल थे। वहीं हाल ही में एनडीएफबी ने उल्फा के उग्रवादियों के साथ मिलकर असम में बड़े हमले की धमकी दी है।
सौ से अधिक उग्रवादी भूटान सीमा पर जमा
भूटान के जंगल एनएफडीबी के उग्रवादियों के लिए सबसे सुरक्षित जगह बन गयी है। ये उग्रवादी भारत पर हमला करने के बाद बड़ी आसानी से भूटान के जंगलों में वापस जाकर छिप जाते हैं जिसके चलते सेना को इनके खिलाफ कार्यवाही करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
खुफिया विभाग के जानकारी के अनुसार सौ से अधिक प्रशिक्षित उग्रवादी भूटान की सीमा के जंगलों में छिपे हुए हैं। जिसमें से कई उग्रवादी मानस वाइल्ड लाइफ सैंक्युचरी में भी छिपे हैं जो कभी भी एक बड़े हमले को अंजाम दे सकते हैं। T
ऑपरेशन ऑलआउट के लिए होगी अहम बैठक
भारत के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी भूटान में अपने समकक्ष से 18 जून को बैठक करेंगे। इस बैठक में इस ऑपरेशन को अंजाम दिये जाने की योजना पर बात की जाएगी। यह अभियान दोनों देशों का साझा अभियान होगा। भूटान की सरकार ने भारत की सरकार को इस अभियान में पूरी तरह से मदद का आश्वासन दिया है।
भूटान और भारत के बीच उग्रवादियों को खत्म करने के लिए पहले से ही बातचीत चल रही थी। गृह मंत्रालय के अधिकारी के अनुसार यह अभियान जल्द होगा लेकिन इसके समय के बारे में हम कोई जानकारी नहीं दे सकते हैं।













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