कौन हैं LAC के ये सैनिक जिनकी पीठ खुद आर्मी चीफ जनरल नरवणे ने थपथपाई और क्यों
नई दिल्ली। सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे दो दिनों के लद्दाख दौरे से लौट आए हैं। जनरल नरवणे की एक फोटोग्राफ को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है। इा फोटोग्राफ में जनरल पांच ऑफिसर्स सैनिकों के साथ कुछ बातचीत करते हुए नजर आ रहे हैं। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि ये वो सैनिक हैं जिन्होंने 15 जून को गलवान घाटी में हुई हिंसा में बहादुरी के साथ चीनी सेना को जवाब दिया था।

पांच सैनिकों को किया आर्मी चीफ ने सम्मानित
आर्मी चीफ जनरल नरवणे ने पांच सैनिकों को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया है। सेना की तरफ से एक तस्वीर जारी की गई है। यह तस्वीर पूर्वी लद्दाख में फॉरवर्ड इलाके की है और इसमें सेना प्रमुख जनरल नरवणे प्रशस्ति बैज सैनिकों को लगाते हुए नजर आ रहे हैं। उनके पीछे लेह स्थित 14 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह को देखा जा सकता है। इसके अलावा नॉर्दन आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी भी नजर आ रहे हैं। मैटेल के बैज में यह कमेंडेशन कार्ड यानी प्रशस्ति पत्र किसी सैनिकों को वीरता का प्रदर्शन करने पर दिए जाते हैं।
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दो घटनाओं में चीन को दिया जवाब
जिन पांच सैनिकों को आर्मी चीफ ने इससे सम्मानित किया है वो एलएसी पर हुई दो अलग-अलग घटनाओं से जुड़ा है। जो पहले तीन बैज सेना प्रमुख ने दिए हैं वो 15 जून को पेट्रोलिंग प्वाइंट (पीपी) 14 पर हुई हिंसा का जवाब देने वाले सैनिकों को दिया गया था। 15 जून की घटना में 16 बिहार, 3 पंजाब रेजीमेंट, दो आर्टिलरी यूनिट और तीन मीडियम रेजीमेंट के अलावा 81 फील्ड रेजीमेंट चीन को जवाब देने में शामिल थी। जो दो और बैज दिए गए हैं वो 17 कुमाऊं रेजीमेंट के दो सैनिकों को दिए गए। इन सैनिकों ने 5-6 मई को पैंगोंग त्सो पर चीनी जवानों की तरफ से हुई हिंसा का जवाब दिया था। इसी घटना के बाद ही भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में टकराव शुरू हो गया था। तब से ही इस इलाके में तनाव जारी है।












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