मणिपुर संघर्ष से डर कर म्यांमार भागे 212 मैतेई को सेना सुरक्षित वापस लाई, सीएम ने की तारीफ
मणिपुर में 3 मई से शुरू हुई हिंसा में बहुतों ने जान गवां दी, वहीं बड़ी संख्या में लोग जान बचाकर यहां से अन्य जगहों पर भाग गए थे। इनमें 212 मैतेई समुदाय के लोग भी शामिल थे जो हिंसा से डर कर पड़ोसी राज्य म्यांमार भाग गए थे।
जिनकी तीन माह बाद भारतीय सेना की बदौलत सुरक्षित वतन वापसी हो चुकी है। प्रदेश के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने भारतीय सेना की भूमिका की सराहना करते हुए जमकर तारीफ करते हुए एक पोस्ट लिखी है।

बता दें मणिपुर में 3 मई को ये हिंसा बहुसंख्यक मैतेई समुदाय और अल्पसंख्यक कुकी जनजाति के बीच जातीय संघर्ष शुरू हुआ था, जिसमें कई बेकसूर लोगों की जान चली गई और महिलाओं के साथ वीभत्स और देश को शर्मसार कर देने वाली घटनाएं हुईं।
वहीं अब हिंसा के तीन महीने बाद जब सेना और पुलिस के प्रयासों की बदौलत यहां पर हालात सामान्य हो रहे हैं, तब सेना ने म्यांमार भाग कर गए मैतेई समाज के लोगों को सुरक्षित वापसी करवाई है।
सेना की तरीफ करते हुए सीएम सामणिपुर में जातीय हिंसा से बचने के लिए पड़ोसी म्यांमार में चले गए 200 से अधिक मैतेई तीन महीने से अधिक समय के बाद सुरक्षित रूप से राज्य में लौट आए हैं।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर सेना की तारीफ करते हुए लिखा- मणिपुर राहत और आभार, क्योंकि 212 साथी भारतीय नागरिक जिसमें सभी मैतेई समाज से हैं, ये सभी 3 मई को मणिपुर के मोरे शहर में अशांति के बाद म्यांमार सीमा पार चले गए थे वो अब सुरक्षित रूप से भारतीय धरती पर वापस आ गए हैं।
इसके साथ ही सीएम ने उनकी सुरक्षित वापसी को सुविधाजनक बनाने में सेना के प्रयासों की सराहना करते हुए लिखा उन्हें घर लाने में उनके समर्पण के लिए भारतीय सेना को बहुत-बहुत धन्यवाद












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