जींद के शहीद की अंतिम विदाई के लिए इंडियन आर्मी को चाहिए सपोर्ट!
नई दिल्ली। रविवार को हरियाणा दो वजहों से खबरों में था एक थी आरक्षण और दूसरी थी हरियाणा के जींद जिले के 23 वर्षीय कैप्टन पवन कुमार बेनीवाल। एक वजह से हरियाणा जल रहा था और दूसरी वजह उसके लिए गौरव का पल लेकर आई थी।

यह भी दुर्भाग्य ही है कि शहादत से पहले कैप्टन ने अपनी फेसबुक पोस्ट में आरक्षण के खिलाफ बात कही थी और उनके राज्य के लोग ही आरक्षण के लिए लड़ रहे हैं।
आर्मी डे पर हुआ था कैप्टन पवन का जन्म
इंडियन आर्मी 22 फरवरी को उनका शव हवाई मार्ग से जींद पहुंचाएगी क्योंकि आरक्षण मुद्दे के गर्माने की वजह से सारे रास्ते ब्लॉक कर दिए गए हैं। इंडियन आर्मी ने भी हरियाणा के लोगों से अपील की है कि वे सभी 22 फरवरी को कैप्टन को अंतिम विदाई के लिए अपना समर्थन दें।
कैप्टन पवन और सीआरपीएफ के जवान पंपोर में शहीद
स्पेशन फोर्स के कमांडो कैप्टन पवन कश्मीर के पुलवामा स्थित पंपोर में शनिवार को आतंकियों से मोर्चा लेते हुए घायल हो गए थे। रविवार को सुबह श्रीनगर के बादामी बाग स्थित मिलिट्री हॉस्पिटल में उनका निधन हो गया।
पिछले माह भी आतंकियों से लड़ते समय वह घायल हो गए थे। दो हफ्तों तक उनका इलाज चला था और सेना ने उन्हें छुट्टी लेकर घर जाने को कहा था। लेकिन उन्होंने इससे साफ इंकार कर दिया था।












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