भारत को मिला अपना अंतिम 36वां राफेल विमान, आज LAC पर होने वाले हवाई अभ्यास में लेगा हिस्सा
साल 2016 में भारत ने जिन 60,000 करोड़ रुपये से अधिक के सौदे पर हस्ताक्षर किए थे, उन सभी विमानों की डिलीवरी अब पूरी हो गई है।

Rafale jet, भारतीय वायु सेना ने गुरुवार को फ्रांस से मिलने वाले 36 राफेल जेट विमानों में से अंतिम विमान प्राप्त कर लिया। अंतिम राफेल ने भारत पहुंचने के लिए फ्रांस से उड़ान भरने के बाद यूएई वायु सेना के टैंकर विमान से ईंधन भरने के बाद भारत में उतरा। साल 2016 में भारत ने जिन 60,000 करोड़ रुपये से अधिक के सौदे पर हस्ताक्षर किए थे, उन सभी विमानों की डिलीवरी अब पूरी हो गई है।
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भारत को अंतिम राफेल मिलने की जानकारी खुद वायुसेना ने ट्वीट करके दी। ट्वीट में लिखा- फ्लीट ड्राई, पैक पूरा हो गया है 36 IAF राफेल विमानों में से अंतिम राफेल संयुक्त अरब अमीरात वायु सेना के टैंकर से ईंधन भरने के बाद भारत में उतरा।'शुक्रान जज़ीलन। बता दें कि फ्रांस सरकार ने 17 जुलाई 2022 में 35 राफेल विमानों की पूर्ति कर दी थी और वहीं 36वें राफेल का काफी समय से इंतजार हो रहा था।
पांच राफेल जेट विमानों का पहला जत्था जुलाई 2020 में अंबाला में वायु सेना स्टेशन पर पहुंचा था। ये 17 स्क्वाड्रन, "गोल्डन एरो" का हिस्सा बने थे। अन्य राफेल को अंबाला के अलावा पश्चिम बंगाल के हाशिमारा में तैनात किया गया है। राफेल की पहली डिलिवरी के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था, 'राफेल सौदा भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गेम चेंजर था और इसे शामिल करना दुनिया के लिए और विशेष रूप से भारत की संप्रभुता को चुनौती देने वालों के लिए एक मजबूत संदेश है।'
आज एलएएसी पर हवाई अभ्यास में लेगा हिस्सा:
गुरुवार से भारतीय वायु सेना की पूर्वी वायु कमान अपनी युद्ध-क्षमता और रणनीति का परीक्षण करने के लिए दो दिवसीय प्रमुख अभ्यास करेगी। बताया जा रहा है कि, राफेल इस अभ्यास में चिनूक और सुखोई साथ आसमान में गरजेगा। यह हवाई अभ्यास ऐसे समय हो रहा है जब हमारे चीन के साथ रिश्ते काफी तानाव पूर्ण बने हुए हैं। सूत्रों का कहना है कि भारतीय वायुसेना द्वारा किये जा रहे इस सैन्य अभ्यास के मद्देनजर चीनियों ने अपनी सतर्कता बढ़ा दी है और अपने शिगात्से हवाई अड्डे पर हवाई पूर्व चेतावनी विमान (एयरबोर्न अर्ली-वार्निंग एयरक्राफ्ट) तैनात कर दिए हैं।
राफेल की खासियतें:
राफेल दुनिया के सबसे ताकतवर फाइटर जेट में शामिल है। यह1800 किमी प्रति घंटे की गति तक पहुंचने में सक्षम है। जब यह मिसाइल के साथ उड़ान भरता है। राफेल विमान एक मिनट में 60 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। इसकी ईंधन क्षमता करीब 17 हजार किलोग्राम है। राफेल की मारक क्षमता 3700 किलोमीटर तक है। स्काल्प की रेंज 300 किलोमीटर है।
राफेल विमान एक बार में 24,500 किलो तक का वजन ले जा सकता है। यह विमान 60 घंटे की अतिरिक्त उड़ान भी भर सकता है। राफेल विमान 14 हार्ड पॉइंट के जरिए भारी हथियार भी गिराने की क्षमता रखता है। इसके इतर राफेल विमान 300 किलोमीटर की रेंज से हवा से जमीन पर हमला करने में भी सक्षम है। राफेल लड़ाकू विमान हर तरह के मौसम में एक साथ कई काम करने में सक्षम है।












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