चीन से विवाद के बीच बढ़ी भारतीय वायुसेना की ताकत, स्पेन से मिला पहला C-295 विमान, जानें खासियत
चीन और पाकिस्तान के साथ पिछले कई साल से भारत का विवाद जारी है। ऐसे में हमारी तीनों सेनाएं खुद को मजबूत करने में जुटी हुई हैं। इस बीच स्पेन से एक अच्छी खबर आई, जहां भारत को अपना पहला C-295 परिवहन विमान मिल गया है।
भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल स्पेन के दौरे पर हैं। उन्होंने बुधवार को खुद एयरबस के अधिकारियों से विमान की चाभी हासिल की। जल्द ही वो वहां से भारत के लिए रवाना होंगे।

वायुसेना के मुताबिक कंपनी ने विमान को हैंडओवर कर दिया है। 25 सितंबर को हिंडन एयरबेस में एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, उसमें ये विमान आधिकारिक रूप से वायुसेना में शामिल होगा।
क्या है खासियत?
C-295 विमान काफी खास है। परिवहन की दृष्टि से इसका मुकाबला करने वाले बहुत ही कम विमान हैं। ये 480 किलोमीटर घंटे की रफ्तार से लगातार 11 घंटे तक उड़ान भर सकता है। सबसे अहम बात ये है कि C-295 काफी कम ऊंचाई पर भी उड़ सकता है, जिससे रडार की पकड़ में आना मुश्किल हो जाता है।
क्षमता की बात करें तो इसमें 71 सैनिक या फिर 49 पैराट्रूपर्स आ सकते हैं। अगर इसमें हथियार या अन्य उपकरण ढोए जाएं, तो ये 5-10 टन का वजन ले जा सकता है।
पैरा ड्रॉपिंग डोर भी
अगर पैराशूट के जरिए जवानों को किसी जगह पर उतारना है, तो ये विमान काफी कारगर साबित होगा। इसमें रियर रैंप दरवाजा दिया गया है, जिसके जरिए जवान पैराशूट लेकर जंप लगा सकते हैं। भारत में आने के बाद इसमें स्वदेशी इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट स्थापित किया जाएगा।
लद्दाख जैसे इलाकों में आसानी से करेगा लैंड
पाकिस्तान और चीन की सीमा पर कई इलाके ऐसे हैं, जहां पर लैंडिंग स्ट्रिप काफी छोटी या अविकसित है। ऐसी जगहों पर ये भारी-भरकम सामान लेकर आसानी से लैंड कर सकता है।
कुल 56 विमानों का सौदा
भारत सरकार ने स्पेन की एयरबस के साथ C-295 विमान का सौदा किया है। इस सौदे के तहत कुल 56 विमानों की खरीद होगी। इसमें 16 का निर्माण स्पेन में होगा, जबकि बाकी के 40 भारत में बनाए जाएंगे। इसमें टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड भी मदद करेगा।












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