देऱ तक नेपाल याद रखेगा भारतीय आर्मी-नेवी के काम को
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) भारतीय सेना और एयरफोर्स जिस जज्बे से नेपाल में भयंकर भूकम्प से पीडि़त लोगों को राहत प्रदान करने में जुटी है,उसे नेपाल लंबे समय तक याद रखेगा। इसी तरह से नेपाल में बहुत से भारत के स्वयसेवी संगठन भी राहत के कामों में लगे हैं। वायुसेना दूरदराज और पहुंच से दूर के क्षेत्रों सहित नेपाल में आपदा में फंसे लोगों को राहत प्रदान कर रहा है।

शुक्रवार को दो विमानों से नेपाल के लिए जरूरी सामग्री भेजी गई। पहले आईएल-76 से चंडीगढ़ से राशन और जबकि दूसरे सी-17 विमान से 21 टन खाने के तैयार भोजन, 1800 कंबल, 02 आरओ संयत्र( 1 बड़ा और 1 मध्यम), 02 टन नागरिक/सेना मेडिकल भंडार और सेना के संचार उपकरण भेजे गए। सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार,वायुसेना के 6 मीडियम लिफ्ट हेलीकॉप्टर काठमांडू में तैनात किये गये हैं। दो मीडियम लिफ्ट हेलीकॉप्टर पोखरा में तैनात किये गए हैं
घायलों को निकाला
पिछले कुछ दिनों में सबसे प्रभावित क्षेत्र जहां से घायलों को निकाला गया है उनमें चारकौट, दधिंग, मेलूम, लुक्ला, एरोघाट, धूंचय, त्रिशूली, रामचप, बारपाक, नारायणचोर, नामची बाजार और टोटोपाणी शामिल हैं। शुक्रवार को कुल 26 उड़ानों द्वारा 82 लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। इसके साथ ही 17 घायल व्यक्तियों को भी निकाला गया, जिसमें 12 चारकौट से और 5 लामाबघा से शामिल हैं। हेलीकॉप्टरों द्वारा शुक्रवार को 18 टन वजन ढोया गया।
विमानों का व्यापक उपयोग
बता दें कि मानव आपदा राहत सहायता (एचएडीआर) ऑपरेशन में हेलीकॉप्टर और विमानों का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। इस महीने यमन में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने, पिछले वर्ष सितम्बर में जम्मू-कश्मीर में बाढ़ राहत कार्य में सक्रिय भागीदारी करने के बाद भारतीय वायुसेना ने एक बार फिर नेपाल में भूकम्प प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर आपदा राहत में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।
भारतीय वायु सेना राष्ट्र के सहयोग से मानव सहायता और आपदा राहत ऑपरेशन के प्रति अपनी बचनबद्धता को दोहराती है। नेपाल मामलों के जानकार पुष्परंजन कहते हैं कि भारत को इस समय नेपाल की मदद करनी ही चाहिए।












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