अगर दाऊद और सईद को भारत लाना है तो करना पड़ेगा 'कोवर्ट ऑपरेशन'

नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद का शपथ लेते ही कुछ ऐसी नियुक्तियां की जिसके दम पर ही अगले 5 साल बेहद सुकून के साथ गुजारे जा सकते हैं। सबसे पहले तो नियमों को बदलकर उन्होंने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नृपेंद्र मिश्र को अपना प्रमुख सचिव बनाया और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) का पद गुप्तचर अजीत डोभाल को दिया। ये दोनों ऐसे पद हैं जिसकी सलाह प्रधानमंत्री सबसे ज्यादा लेता है।
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल हमेशा से गुप्त अभियानों के पक्ष में रहे हैं। बताया जाता है कि डोभाल ने कई सालों तक पाकिस्तान में ही रहकर वहां की खुफिया जानकारी इकट्ठा की थी। इसी तर्ज पर अब डोभाल एक ऐसे ऑपरेशन को अंजाम देंगे जिसके तहत मोस्ट वांटेड दाऊद और सईद को भारत लाया जा सकेगा।
कहां हैं हाफिज सईद और दाऊद?
मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, भारत में सत्ता परिवर्तन के साथ ही पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने दाऊद इब्राहिम को कराची से हटाकर अफगानिस्तान सीमा के नजदीक के इलाके में भेज दिया है। यह इलाका तालिबान के प्रभाव में माना जाता है। वहीं, 26/11 का मास्टर माइंड हाफिज सईद लाहौर में रहता है। पाकिस्तानी पुलिस की निगरानी में वह एक कंपाउंड में रहता है, जिसके भीतर घर, दफ्तर और मस्जिद मौजूद हैं। अमेरिका ने भी उसके सिर पर करीब 60 करोड़ रुपए का इनाम रखा हुआ है, लेकिन बावजूद इसके सईद पाकिस्तान में बड़ी-बड़ी रैलियां करता है और भारत के खिलाफ जहर उगलता है। दिलचस्प बात यह है कि जिस अमेरिका ने उसके सिर पर इनाम रखा है, उसी देश के मशहूर अखबार 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' के रिपोर्टर ने सईद का इंटरव्यू लाहौर में उसके घर में फरवरी, 2013 में किया।
क्या होता है ओवर्ट और कोवर्ट ऑपरेशन?
सिक्युरिटी के मामले में दो तरह के ऑपरेशन होते हैं। पहला ओवर्ट और दूसरा कोवर्ट। ओवर्ट ऑपरेशन वह ऑपरेशन होता है, जिसकी घोषणा पहले से ही कर दी गई हो। यानी उसकी जानकारी दुनिया के सामने हो। उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान में इन दिनों चल रहा ऑपरेशन जर्ब-ए-अज्ब ऐसा ही ऑपरेशन है। इस ऑपरेशन में पाकिस्तानी फौज आतंकवादियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर रही है। पाकिस्तान सरकार ने इस ऑपरेशन की घोषणा पहले से ही कर दी थी। वहीं, कोवर्ट ऑपरेशन बहुत ही गुप्त तरीके से किया जाता है। इस ऑपरेशन के बारे में बहुत ही सीमित लोगों को जानकारी होती है। कई बार ऐसे ऑपरेशन के नतीजे भी दुनिया के सामने नहीं आ पाते हैं। कोवर्ट ऑपरेशन का अच्छा उदाहरण मई, 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद में अमेरिका की ओर से ओसामा बिन लादेन के खिलाफ किया गया ऑपरेशन नेप्च्यून स्पियर था।
भारत और पाकिस्तान की सैन्य शक्ति:
1. भारतीय सेना में करीब 13 लाख सैनिक हैं, जबकि पाकिस्तानी सेना में 6 लाख सैनिक हैं।
2. भारत के पास करीब 2295 टैंक हैं तो पाकिस्तान के पास नए-पुराने मिलाकर 3620 टैंक हैं।
3. भारत की वायु क्षमता पाकिस्तान के मुकाबले कहीं बेहतर दिखती है। भारत के पास 600 फाइटर प्लेन हैं, तो पाकिस्तान के पास भी 400 लड़ाकू विमान हैं।
4. भारत के पास पाकिस्तान से सटे 12 एयर बेस हैं जहां मिग, जगुआर, सुखोई और मिराज जैसे लड़ाकू विमान तैनात हैं। इसके मुकाबले पाकिस्तानी वायुसेना के पास 7 एयरबेस हैं, जहां मिराज, जेएफ और एफ 16 जैसे लड़ाकू विमानों की तैनाती है।
5. भारतीय नेवी पाकिस्तान के मुकाबले जरूर मजबूत है। लेकिन जानकारों की मानें तो भारत और पाकिस्तान के बीच अहम भूमिका थल सेना और वायुसेना की है। 1971 की लड़ाई के बाद पाकिस्तान ने रक्षा बजट में जबर्दस्त बढ़ोत्तरी की है।












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