India US Trade: अमेरिका के साथ चर्चा में राष्ट्र हित की प्राथमिकता हो, RSS से जुड़े संगठन ने क्यों दी नसीहत ?
India US Trade talks: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े स्वदेशी जागरण मंच (SJM) ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि अमेरिका के साथ व्यापारिक बातचीत में राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखा जाए। संगठन ने विशेष रूप से किसानों और छोटे उद्यमियों के हितों की रक्षा पर जोर दिया है।
स्वदेशी जागरण मंच की राष्ट्रीय परिषद ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित अपनी बैठक में इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया है। इस बैठक में भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य में अमेरिकी प्रशासन की 'पारस्परिक शुल्क'(reciprocal tariffs) नीति पर चर्चा की गई।

India US Trade: अपने किसानों और छोटे उद्यमियों के हितों की सुरक्षा को मिले प्राथमिकता
स्वदेशी जागरण मंच ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक मुक्त व्यापार प्रणाली (global free trade system) पर सीधा प्रहार किया है। उन्होंने कई देशों से होने वाले आयात पर ऊंचे शुल्क लगाने की नीति अपनाई है, जिसके माध्यम से अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री को वापस देश में लाने और बेरोजगारी की समस्या को हल करने का प्रयास किया जा रहा है।
संगठन का मानना है कि भारत को बहुपक्षीय व्यापार समझौतों की तुलना में द्विपक्षीय व्यापार समझौतों को प्राथमिकता देनी चाहिए। इससे देश के आर्थिक हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। संगठन ने यह भी कहा कि अमेरिका और अन्य देशों के साथ व्यापारिक समझौतों में भारत को अपने किसानों और छोटे उद्यमियों के हितों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।
India US Trade deal: केंद्र सरकार की नीतियों की सराहना
स्वदेशी जागरण मंच (SJM) ने केंद्र सरकार की उन नीतियों की सराहना भी की है, जिनके तहत व्यापारिक बातचीत के दौरान किसानों और उनके आजीविका स्रोतों की रक्षा की जा रही है। प्रस्ताव में कहा गया कि इस नीति को जारी रखना जरूरी है, ताकि भारतीय कृषि और लघु उद्योग प्रभावित न हों।
स्वदेशी जागरण मंच ने इस बात की भी सराहना की है कि भारत सरकार विदेशी व्यापार को भारतीय रुपए में बढ़ावा देने के प्रयास कर रही है। इसके अलावा, संगठन ने इस बात पर जोर दिया कि विदेशी मुद्रा और भुगतान प्रणालियों, जैसे कि SWIFT का उपयोग, भारत पर दबाव बनाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
India US Trade: नेशन फर्स्ट' की नीति पर जोर
एसजेएम के अनुसार, मौजूदा समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था विभाजन के दौर से गुजर रही है और इस चुनौतीपूर्ण माहौल में 'नेशन फर्स्ट' की नीति ही भारत की सफलता की कुंजी हो सकती है। संगठन ने आम जनता से भारतीय उत्पादों को अपनाने की अपील भी की है। (इनपुट-पीटीआई)
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