जेएनयू हिंसा: India Today के स्टिंग में चौंकाने वाला खुलासा, नकाबपोश ने कहा- 20 लोग बाहर से बुलाए थे
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में 5 जनवरी को हुए उपद्रव के सिलसिले में दिल्ली पुलिस अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं कर पाई है। हालांकि पुलिस ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेस कर दावा किया कि, 9 संदिग्धों की पहचान हुई है। अब जेएनयू हिंसा मामले में इंडिया टूडे का एक स्टिंग ऑपरेशन सामने आया है। जिसमें एबीवीपी की हिंसा में संप्लिप्ता का खुलासा हुआ है। एबीवीपी कार्यकर्ता अक्षत अवस्थी ने स्वीकारा है कि, वह पांच जनवरी को हुई हिंसा में शामिल था।

'20 लोग जेएनयू के और 20 बाहर से बुलाए थे'
इंडिया टूडे के स्टिंग ऑपरेशन में एबीवीपी कार्यकर्ता अक्षत अवस्थी ने स्वीकार किया है कि 20 लोग जेएनयू के और 20 बाहर से बुलाए थे। एबीवीपी कार्यकर्ता ने खुद हिंसा में शामिल होने की बात को कैमरे पर स्वीकार किया है। अक्षत अवस्थी जेएनयू में फ्रेंच डिग्री प्रोग्राम के प्रथम वर्ष के छात्र है। उसने इस बात को भी स्वीकार किया है कि, हमले के दौरान हेलमेट पहना हुआ था। स्टिंग ऑपरेशन में उसको कहते हुए सुना जा सकता है कि उसके हाथ में डंडा था और कई लोगों को उसने पीटा।

खुद हिंसा में शामिल होने की बात स्वीकारी
जेएनयू के रिकॉर्ड के मुताबिक, अक्षत कावेरी हॉस्टल में रहता है। अवस्थी ने एक वीडियो भी दिखाया जिसमें वह हॉस्टल के कॉरिडोर में भागता दिख रहा है औऱ जो भी रास्ते में आ रहा था वह उसकी पिटाई करता दिख रहा है। जब इंडिया टूडे के रिपोर्टर ने पूछा कि, आपके हाथ में क्या है, तो वह बोला कि मैंने डंडा ले रखा था। मैंने इसे पेरियार [छात्रावास] के पास पड़े एक झंडे से बाहर निकाला था।

हमले की पहले की थी प्लानिंग
जब रिपोर्टर ने पूछा कि, क्या तुमने किसी को मारा? तो उसने कहा, मैं कानपुर के एक इलाके से आता हूँ जहाँ हर गली में गुंडे हैं। मैं उन्हें देखता रहता था। अवस्थी ने कहा कि, हमला एक दिन पहले पेरियार छात्रावास में वामपंथी छात्रों द्वारा कथित रूप से किए गए हमले के बदले में हुआ था। यह उनकी प्रतिक्रिया थी। वहीं हमले की प्लानिंग के बारे में अक्षत ने बताया कि उसने एबीवीपी के संगठन के सचिव को फोन किया। वो दोस्त है। उसके साथ पूरी प्लानिंग की। साथ ही अक्षत ने कहा कि लोगों की जुटाने का काम उनका ही था। उन्होंने ही सभी की लामबंदी की।

स्टिंग पर एबीवीपी ने दी प्रतिक्रिया
अवस्थी ने बताया, वह एबीवीपी का एक संगठनात्मक सचिव है। मैंने उन्हें बुलाया था। वामपंथी छात्र और शिक्षक साबरमती में एक बैठक कर रहे थे। जब साबरमती पर हमला हुआ, तो वे सभी भाग गए और हॉस्टल में शरण ली। उसने कहा कि, साबरमती हॉस्टल के सामने वाली सड़क पर जो भी वाहन दिखे उसके साथ तोड़फोड़ की। वीडियो में यह भी कहता सुना जा सकता है कि, उन्हें (लेफ्ट स्टूडेंट) को सबक सिखाना जरूरी था। एबीवीपी की राष्ट्रीय महासचिव निधि त्रिपाठी ने इंडिया टुडे चैनल के खुफिया इन्वेस्टिगेशन पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस खुफिया टेप में खुद को एबीवीपी का कार्यकर्ता बताने वाले अक्षत अवस्थी का संगठन से किसी भी तरह के जुड़ाव से इनकार किया। उन्होंने कहा कि इस नाम को कोई शख्स हमारे संगठन से जुड़ा नहीं है।












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