नागालैंड का एक गांव है देश का पहला तंबाकू मुक्त गांव

थोंग ने कहा कि गरिफेमा ग्राम्य परिषद, विलेज विजन सेल और गांव की छात्र यूनियन के द्वारा उठाए गए कदम का यह परिणाम है।
गांव में एक संकल्प लिया गया था कि तंबाकू या शराब पीकर शांति में खलल करने वालों पर 1000 रूपये जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही चौक चौराहे तथा सार्वजनिक जगहों पर बीड़ी, पान, सुपारी, शराब आदि के उपभोग पर 500 रूपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
थोंग ने कहा कि गरिफेमा ने नगालैंड में अन्य गांवों के लिए ही नहीं बल्कि देश के दूसरे हिस्से के लिए भी उदाहरण पेश किया है। ग्रामीणों से कड़ाई से इसका पालन करने को कहा गया है।
इस मौके पर राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के उप निदेशक एमसी लोंगाई ने कहा कि नगालैंड में 67.9 प्रतिशत पुरूष और 28.1 प्रतिशत महिला तंबाकू का उपभोग करते हैं। उन्होंने बताया कि तंबाकू के कारण 2200 से ज्यादा भारतीय हर दिन दम तोड़ देते हैं और देश में सभी तरह के कैंसरों का 40 प्रतिशत तंबाकू इस्तेमाल के कारण ही होता है।
कुछ भी हो नागालैंड का यह गांव देश के तमाम हिस्सों के लिए एक बेहतर मिसाल साबित हो सकता है।












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