राजस्थान: गायों की सेवा का नहीं मिला फल, निर्दलीय से हारे पहले 'गाय मंत्री'
राजस्थान विधानसभा चुनावों में सत्ता में होने के बावजूद भाजपा का प्रदर्शन काफी शर्मनाक रहा। भाजपा के कई बड़े नेताओं ने तो अपनी सीट गंवाई ही गंवाई, लेकिन राजस्थान और देश के पहले 'गाय मंत्री' भी अपनी सीट नहीं बचा पाए।
जयपुर। राजस्थान विधानसभा चुनावों में सत्ता में होने के बावजूद भाजपा का प्रदर्शन काफी शर्मनाक रहा। भाजपा के कई बड़े नेताओं ने तो अपनी सीट गंवाई ही गंवाई, लेकिन राजस्थान और देश के पहले 'गाय मंत्री' भी अपनी सीट नहीं बचा पाए। राज्य में गायों की सेवा से जनता बिल्कुल भी खुश नहीं हुई और ओटाराम देवासी निर्दलीय उम्मीदवार से अपनी सीट हार गए। ओटाराम देवासी ने सिरोही सीट से चुनाव लड़ा था।

राजस्थान के पहले 'गाय/गौपालन मंत्री' ओटाराम देवासी गायों की सेवा करने के बावजूद अपनी सीट नहीं बचा पाए। सिरोही सीट से चुनाव लड़ने वाले देवासी निर्दलीय उम्मीदवार संयम लोधा से हार गए। लोधा को जहां 81,272 वोट मिले, वहीं देवासी को केवल 71,019 वोट मिले थे। देवासी सिर्फ राजस्थान के ही नहीं, बल्कि देश के भी पहले 'गाय मंत्री' हैं।
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वसुंधरा राजे की सरकार ने 2013 चुनावों में अपने घोषणापत्र में गायों के लिए अलग मंत्रालय की घोषणा की थी, जिसपर अमल करते हुए सरकार में आने के बाद राजे ने इसका अलग मंत्रालय बनाया और देवासी पहले गाय मंत्री बने थे। राजस्थान की 199 सीटों पर कांग्रेस ने 99 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं भाजपा को केवल 73 सीटों से संतुष्ट होना पड़ा। बहुमत से केवल एक सीट दूर कांग्रेस यहां सरकार बनाने के लिए जल्द दावा करेगी।
राजस्थान में मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इसपर कांग्रेस हाईकमान आज विधायक दल की बैठक में फैसला ले सकती है। विधायक दल की बैठक के बाद राजस्थान में कांग्रेस नेता शाम 7 बजे राज्यपाल कल्याण सिंह से भी मुलाकात करेंगे।
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