जब भारतीयों पर आया संकट, 'देवदूत' बनकर पहुंची सरकार, देश के 10 बड़े रेस्क्यू मिशन
सूडान में फंसे भारतीयों को निकालने की सरकार की योजना के तहत भारत ने जेद्दाह में दो मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट को स्टैंडबाय पर रखा है। भारतीय नौसेना का एक जहाज सूडान के एक प्रमुख बंदरगाह पर पहुंच गया है।

सूडान में जारी गृहयुद्ध के चलते देश के हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। अफ्रीकी देश में जारी हिंसा के चलते कई देशों के नागरिक फंसे हुए हैं। हर देश अपने नागरिकों को हिंसा प्रभावित इलाकों से निकाले में लगा है। इस वक्त 3 हजार भारतीय हिंसा प्रभावित इलाकों में फंसे हुए हैं।
भारत उन्हें निकालने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए भारत ने 'ऑपरेशन कावेरी' शुरू किया है। यह पहली बार नहीं जब भारत अपने नागरिकों को दूसरे देशों से रेस्क्यू कर रहा है। भारत ने हाल ही में अफगानिस्तान, यूक्रेन और कोरोना काल के दौरान कई देशों से भारतीय लोगों को रेस्क्यू किया था।

ऑपरेशन गंगा (2022)
साल 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण हजारों भारतीय यूक्रेन में फंस गए थे। इन्हें सुरक्षित निकालने के लिए भारत सरकार ने 'ऑपरेशन गंगा' शुरू किया था। इस ऑपरेशन के जरिए भारत ने यूक्रेन में बड़ी संख्या में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्र को निकाला था। यूक्रेन से 80 फ्लाइट के जरिए करीब 25000 नागरिकों को निकाला था।
ऑपरेशन देवी शक्ति (2021)
2021 में अमेरिकी सेना द्वारा अफगानिस्तान छोड़ने के बाद तालिबान ने देश पर कब्जा कर लिया था। तालिबान ने काबुल समेत कई शहरों पर कब्जा कर लिया था। जिसके बाद भारत ने अफानिस्तान में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए ऑपरेशन देवी शक्ति शुरू किया था। जिसके जरिए करीब 800 भारतीयों को निकाला गया था।
वंदे भारत (2020)
कोरोना संकट के दौरान दुनिया भर में फंसे भारतीयों को स्वदेश लाने के लिए भारत सरकार ने ऑपरेशन 'वंदे भारत' चलाया था। इस अभियान में सरकार ने वायु सेना के विमानों एवं युद्धपोतों को लगाया। इस अभियान के तहत दुनिया भर से करीब 60 लाख भारतीय सुरक्षित वापस लाए गए।

समुद्र सेतु (2020)
कोविड-19 संकट के दौरान भारत सरकार ने विदेशों में फंसे लोगों को निकालने के लिए ऑपरेशन 'समुद्र सेतु' भी चलाया। इस अभियान के तहत समुद्र मार्ग से करीब 4000 लोग सुरक्षित भारत लाए गए। इस ऑपरेशन में नौसेना के पोत जलश्व, एरावत, शार्दुल, मागार की सेवाएं ली गईं थी। यह अभियान करीब 55 दिनों तक चला।
ये भी पढ़ें: Mission Sudan: भारतीयों को सूडान से सुरक्षित निकालने के लिए नौसेना ने भेजा वॉरशिप जहाज
ब्रसेल्स बचाव अभियान (2016)
2016 में बेल्जियम में तीन आत्मघाती बम विस्फोट हुए। जिसनें 32 लोग मारे गए थे। जिसके बाद कई भारतीय इस देश में फंस गए थे। ऐसे में भारत सरकार ने चार उड़ानों में 800 लोगों को सुरक्षित निकाला था।

ऑपरेशन राहत (2015)
साल 2015 में यमन की सरकार एवं हुती विद्रोहियों के बीच हुए संघर्ष के दौरान भारत ने ऑपरेशन राहत चलाया। भारत सरकार ने अन्य देशों की मदद लेकर यमन से करीब 5,600 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
ऑपरेशन मैत्री (2015)
नेपाल में 2015 में आए भीषण भूकंप के बाद यहां फंसे भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सेना और सरकार ने बचाव कार्य चलाया। इस ऑपरेशन के जरिए करीब 5000 से ज्यादा भारतीय वापस लाए गए।
ये भी पढ़ें: Sudan Fighting: क्या गोल्ड की 'आग’ में तप रहा है सूडान, जानें हिंसा का असली कारण?
ऑपरेशन होमकमिंग(2011)
युद्ध के दौरान लीबिया में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए भारत सरकार की ओर से 'ऑपरेशन होमकमिंग' चलाया गया। भारत ने वायु सेना और नेवी की मदद से 15,400 भारतीयों को लीबिया से रेस्क्यू किया था।

2006 ऑपरेशन सूकून
2006 में लेबनान और इजरायल में संघर्ष के दौरान भारत ने ऑपरेशन सुकून चलाया था। इस अभियान के तहत करीब 2,280 नागरिकों को इंडियन नेवी ने बाहर निकाला था।
1990 कुवैत एयरलिफ्ट
साल 1990 में खाड़ी युद्ध के दौरान एक लाख इराकी सैनिकों ने कुवैत पर धावा बोल दिया था। इस युद्ध में करीब 1,70,000 भारतीय फंस गए थे। भारत सरकार ने अपने नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान शुरू किया। एयर इंडिया के विमानों ने लगातार 2 महीने से ज्यादा समय तक 500 से ज्यादा उड़ानें भरीं। यह सबसे बड़ा हवाई इवेक्यूएशन मिशन था।












Click it and Unblock the Notifications