भारत-रूस की सेना करेंगी संयुक्त सैन्य अभ्यास, पहली बार तीनों सेनाएं लेंगी हिस्सा
नई दिल्ली। भारत और रूस पहली बार तीनों सेनाओं के साथ संयुक्त अभ्यास की तैयारी कर रहे हैं। यह संयुक्त अभ्यास 19 से 29 अक्टूबर के बीच होगा। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आतंकवाद से मुकाबला करना बताया गया है, लेकि माना जा रहा है कि भारत इस अभ्यास के जरिए रूस और अमेरिका के साथ अपने रिश्तों को और बेहतर करना चाहता है जिससे कि वह पड़ोसी देश चीन को मजबूत संदेश दे सके, जोकि लगातार भारत के लिए सीमा विवाद की वजह से मुश्किल का सबब बना हुआ है।

कूटनीतिक स्तर से काफी अहम
रूस के साथ सैन्य अभ्यास से पहले भारतीय सेना ने जापान के साथ मालाबार में मिलकर अभ्यास किया था, जिसपर चीन लगातार गहरी नजर बनाए हुए था। जिस तरह से हाल में नॉर्थ कोरिया पर अमेरिका ने तमाम प्रतिबंध लगाए हैं उसके बाद चीन और रूस के बीच नजदीकी बढ़ी है, लेकिन भारत और रूस के बीच रिश्ते बराबर सहयोग के बने हुए हैं। ऐसे में चीन की रूस के साथ बेहतर होते संबंधों के बीच भारत और रूस का साझा सैन्य अभ्यास भारत के पक्ष को मजबूत करने के साथ एक अहम कूटनीतिक संदेश देने में भी सफल होगा। गौरतलब है कि रूस भारत का रक्षा क्षेत्र में सबसे बड़ा सप्लायर है।
रूस में होगा ये सैन्य अभियान
भारत और रूस के बीच इंद्रा नाम के इस सैन्य अभ्यास का आयोजन रूस क व्लादिवोस्तोक मे होगा, जोकि चीन और उत्तर कोरिया के करीब ही है। इससे पहेल भी दोनों देशों के बीच कई सैन्य अभ्यास हो चुके हैं। लेकिन ये अभ्यास सेनाओं के बीच अलग-अलग स्तर पर हुए थे। लेकिन ऐसा पहली बार होने जा रहा है कि नौसेना, थल सेना और वायुसेना एक साथ मिलकर इस अभ्यास को करेंगे।
इतने सैन्यकर्मी होंगे शामिल
वहीं इस सैन्य अभियान के बार में सरकार का कहना है कि मौजूदा माहौल को देखते हुए यह सैन्य अभ्यास काफी अहम है। हाल ही में रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने भी तीनों सेनाओं के साझा होने के साथ उनके एक साथ मिलकर काम करने पर भी जोर दिया था। रूस के साथ इस साझा सैन्य अभ्यास में 350 थल सेना के सैनिक, 80 वायु सेना के कर्मी और नौसेना के 2 आईएल 76 विमान के अलावा दो अलग किस्म के युद्धपोत हिस्सा लेंगे। इस सैन्य अभ्यास के जरिए भारतीय सेना अपनी ताकत का परिचय भी देगी।












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