भारत ने यूरोपियन यूनियन से कहा- कोविशील्ड-कोवैक्सीन को भी किया जाए स्वीकार
भारत का यूरोपियन यूनियन से अनुरोध, कोविशील्ड-कोवैक्सीन लेने वालों के साथ ना हो अलग बर्ताव
नई दिल्ली, 30 जून: यूरोपियन यूनियन की ओर से भारत में इस्तेमाल हो रही कोरोना वायरस वैक्सीन कोविशील्ड और कोवैक्सीन लेने वालों को कई तरह की छूट ना मिलने की बात कही गई है। इसको लेकर भारत सरकार की यूरोपीय यूनियन संघ से अनुरोध किया गया है कि उन लोगों को भी समान रूप से छूट देने पर विचार किया जाए, जिन्होंने भारत में कोविशील्ड और कोवैक्सीन का टीका लिया है। सूत्रों के मुताबिक यूरोपियन यूनियन के मेंबर स्टेट से कोविन पोर्टल के माध्यम से जारी टीकाकरण प्रमाण पत्र को मान्यता देने की भी गुजारिश की गई है।
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भारत की ओर से कहा गया है कि कोविन पोर्टल पर टीकाकरण की वास्तविकता को प्रमाणित किया जा सकता है। यूरोपियन यूनियन के डिजिटल कोविड प्रमाणपत्र और भारतीय कोविन पोर्टल पर टीकाकरण प्रमाणपत्रों की मान्यता में शामिल करने के लिए कोविशील्ड और कोवैक्सिन की अधिसूचना पर यूरोपियन यूनियन को बताया है कि भारत ईयू डिजिटल कोविड सर्टिफिकेट की मान्यता के लिए एक पारस्परिक पॉलिसी भी स्थापित करेगा। इसके साथ ही भारत की हेल्थ अथॉरिटी यूरोपियन यूनियन के स्टेट मेंबरों के लोगों ईयू डिजिटल कोविड सर्टिफिकेट होने पर अनिवार्य क्वारंटीन से भी छूट देगा। भारत की ओर से ये भी कहा गया है कि ईयू डिजिटल कोविड सर्टिफिकेट को तब तक मान्यता नहीं देगा जब तक यूरोपियन यूनियन कोविशील्ड और कोवैक्सिन को प्रमाण पत्र में शामिल नहीं करता है।
सीरम इंस्टीट्यूट कर चुका सरकार से दखल की मांग
यूरोपियन यूनियन ने वैक्सीन पासपोर्ट के लिए अभी तक भारत में सबसे ज्यादा इस्तेमाल हो रही वैक्सीन कोविशील्ड को अपनी लिस्ट में शामिल नहीं किया है। इसके चलते ईयू देशों में जाने के लिए भारतीयों को दिक्कत का सामना करना पड़ा रहा है। कोरोना की वैक्सीन कोविशील्ड तैयार करने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की तरफ से कहा गया है कि इससे भारतीय छात्रों और बिजनेस ट्रैवलर्स के लिए मुश्किलें हो रही हैं। सीरम ने मंगलवार को ही सरकार से अपील की है कि कोविशील्ड को भी यूरोपियन यूनियन की लिस्ट में शामिल कराने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए।












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