धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी सरकार की रिपोर्ट को भारत ने खारिज किया
अरिंदम बगाची ने USCIRF की रिपोर्ट पर आगे अफसोस जताते हुए कहा कि USCIRF एक एजेंडे के तहत अपने बयानों और रिपोर्टों में बार-बार तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत करना जारी रख रहा है।
नई दिल्ली, 2 जुलाई : भारत ने अमेरिका की 'अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर आयोग' (USCIRF) की रिपोर्ट पर कड़ा एतराज जताते हुए इसे पक्षपाती और गलत बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है। इस रिपोर्ट पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि हमने भारत को लेकर USCIRF की पक्षपात पूर्ण और गलत रिपोर्ट को देखा है। इस तरह की रिपोर्ट इस बात को पुख्ता करती है कि इसे तैयार करने वालों के पास भारत लेकर समझ, यहां के संवैधानिक ढांचा, इसकी बहुलता और इसके लोकतांत्रिक लोकाचार की समझ काफी कम है।

USCIRF की रिपोर्ट में 'समझ की गंभीर कमी' है
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता, अरिंदम बगाची ने आगे कहा कि अफसोस की बात ये है कि USCIRF एक एजेंडे के तहत अपने बयानों और रिपोर्टों में बार-बार तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत करना जारी रख रहा है। इस तरह की रिपोर्ट किसी संगठन की विश्वसनीयता और उसकी निष्पक्षता पर सवाल खड़े करने वाली है।
अमेरिका इससे पहले भी ऐसी चिंता जाहिर कर चुका है
जून में जारी एक रिपोर्ट में बाइडेन प्रशासन को अफगानिस्तान, भारत, तीन, पाकिस्तान और 11 अन्य देशों को धार्मिक स्वतंत्रता के संदर्भ में विशेष चिंता वाले देशों के रूप में नामित करने की सिफारिश की गई थी। वैसे भी, इस सिफारिश को मानने के लिए अमेरिका के बाइडेन सरकार कहीं से भी बाध्य नहीं है।
यह पहला मामला नहीं है
बता दें कि, इस तरह का यह कोई पहला मामला नहीं है। साल 2020 में भी अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के एक शीर्ष अधिकारी ने भारत को सभी धर्मों के लिए ऐतिहासिक रूप से काफी सहिष्णु, सम्मानपूर्वक देश बताते हुए कहा था कि भारत में धार्मिक स्वतंत्रता के सदंर्भ में जो भी हो रहा है उसे लेकर अमेरिका 'बहुत चिंतित' है।












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