वैश्विक आईपी सूचकांक में भारत सबसे नीचे

चैंबर के वैश्विक बौद्धिक संपदा केंद्र (जीआईपीसी) सूचकांक के दूसरे संस्करण में प्रथम संस्करण की ही भांति भारत का प्रदर्शन सबसे बुरा रहा है। खासकर पेटेंट, कॉपीराइट और अंतर्राष्ट्रीय समझौतों में भारत का प्रदर्शन अत्यधिक बुरा रहा।
चैंबर द्वारा जारी किए गए बयान के मुताबिक जिन देशों को 2012 और 2014 के दोनों सूचकांकों में शामिल किया गया है, उनमें भारत का प्रदर्शन सबसे बुरा रहा। क्योंकि भारत ने अपने आईपी माहौल में गिरावट को अनुमति देना जारी रखा है।
रिपोर्ट में कहा गया है, " 'इन्नोवेश के दशक' के घोषित प्रतिस्पर्धी एजेंडे के बाद भी भारत गलत रास्ते पर बढ़ रहा है। वह आईपी अधिकारों का महत्व कम कर रहा है, निवेशक, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और खुद अपनी इन्नोवेटिव संभावना का गला घोंट रहा है।"
इसमें कहा गया है, "बाध्यकारी लाइसेंसों का लगातार उपयोग, पेटेंट निरस्तीकरण, कमजोर विधायी और प्रवर्तन प्रणाली इन्नोवेशन को बढ़ावा देने और सर्जक की सुरक्षा करने के भारत की प्रतिबद्धता के प्रति गंभीर चिंता पैदा करती है।"
सूचकांक में शामिल 25 देशों में से किसी को भी संपूर्ण 30 अंक हासिल नहीं हो पाए, लेकिन अमेरिका को सर्वाधिक 28.3 अंक हासिल हुए हैं।
प्रवर्तन की श्रेणी में हालांकि अमेरिका ब्रिटेन और फ्रांस के बाद तीसरे स्थान पर रहा।
रिपोर्ट के मुताबिक चीन की पेटेंट व्यवस्था के कुछ पहलुओं में कुछ सुधार दर्ज किया गया है, लेकिन इसके समग्र आईपी माहौल में चुनौतियां बरकरार हैं खासकर व्यापार गोपनीयता की सुरक्षा और प्रवर्तन के मामले में।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications