India Pakistan Cease Fire: विदेश सचिव के अपमान पर फूटा गुस्सा, ओवैसी-अखिलेश समेत कई राजनयिक समर्थन में
India Pakistan Cease Fire: भारत और पाकिस्तान के बीच जारी बढ़ते सैन्य तनाव के बीच दोनों देशों ने सीजफायर की घोषणा कर दी है। 10 मई शाम 5 बजे से यह सीजफायर (Cease fire) लागू हो गया है। वहीं सीजफायर के ऐलान के बाद सोशल मीडिया पर लोग भड़क उठे। लोगों ने विदेश सचिव विक्रम मिस्री (Foreign Secretary Vikram Misri) को ट्रोल करना शुरू कर दिया। ट्रोलर के बढ़ते आतंक के बीच अब राजनेताओं के साथ कई राजनयिक विक्रम मिस्री के बचाव में आ गए हैं।

विक्रम मिस्री के समर्थन में आए राजनयिक
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के अलावा वरिष्ठ राजनयिक निरुपमा मेनन राव ने भी विदेश सचिव विक्रम मिस्री के समर्थन में पोस्ट किया
ट्रोल करने वालों पर भड़के अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स (X) पर हिंदी में एक लंबी पोस्ट लिखी और कहा, ऐसे बयान उन ईमानदार अधिकारियों का मनोबल तोड़ते हैं जो दिन-रात देश की सेवा में समर्पित रहते हैं। निर्णय लेना सरकार की जिम्मेदारी होती है, किसी व्यक्तिगत अधिकारी की नहीं। कुछ असामाजिक अपराधी तत्व खुलेआम अधिकारी और उनके परिवार के खिलाफ अभद्र भाषा की हर सीमा लांघ रहे हैं, लेकिन न तो भाजपा सरकार और न ही उसके कोई मंत्री उनके सम्मान और सुरक्षा की रक्षा के लिए आगे आ रहे हैं, और न ही ऐसे अनुचित पोस्ट करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई की बात हो रही है।'
विक्रम मिस्री के समर्थन में आए ओवैसी
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी रविवार को विक्रम मिस्री के समर्थन में कहा, 'श्री विक्रम मिस्री एक ईमानदार, सभ्य और मेहनती राजनयिक हैं जो देश के लिए निष्ठा से काम कर रहे हैं। हमारे सिविल सर्वेंट्स कार्यपालिका के अधीन होते हैं यह याद रखना चाहिए और उन्हें उन फैसलों के लिए दोष नहीं देना चाहिए जो कार्यपालिका या किसी राजनीतिक नेतृत्व द्वारा लिए गए हैं जो वतन-ए-अज़ीज़ चला रहे हैं।'
'जहरीली नफरत बंद होनी चाहिए'
पूर्व विदेश सचिव निरुपमा मेनन राव ने वरिष्ठ अधिकारी के ट्रोलिंग की कड़ी निंदा करते हुए कहा, विदेश सचिव विक्रम मिस्री और उनके परिवार को भारत-पाकिस्तान युद्ध विराम की घोषणा को लेकर ट्रोल किया जाना बेहद शर्मनाक है। मिस्री एक समर्पित राजनयिक हैं, जिन्होंने पेशेवर तरीके से भारत की सेवा की है। उनके खिलाफ इस तरह की आलोचना का कोई आधार नहीं है। उनकी बेटी की निजी जानकारी साझा करना (डॉक्सिंग) और परिवार को गालियां देना हर मर्यादा की सीमा लांघता है। यह जहरीली नफरत बंद होनी चाहिए। हमें अपने राजनयिकों का साथ देना चाहिए, उन्हें गिराना नहीं चाहिए।
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इस वजह से विदेश सचिव विक्रम मिस्री को किया ट्रोल
बता दें कि, विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने दोनों देशों के बीच हुए सीजफायर की जानकारी दी थी। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा था कि,10 मई दोपहर 15:35 बजे पाकिस्तान के DGMO (डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशन्स) ने भारतीय DGMO को कॉल किया। दोनों पक्षों के बीच यह सहमति बनी कि,भूमि, वायु और समुद्र में सभी प्रकार की फायरिंग और सैन्य कार्रवाई को भारतीय समयानुसार आज शाम 17:00 बजे से रोका जाएगा। उनके इस बयान के बाद से लोग उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया। लोगों का कहना है कि, भारत को सीजफायर पर सहमति नहीं देनी चाहिए था।












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