इंडियन नेवी ने किया सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस का सफल परीक्षण
इंडियन नेवी ने शुक्रवार को ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल का जमीन पर हमला करने में सक्षम संस्करण का सफल परीक्षण किया। बंगाल की खाड़ी में हुआ है परीक्षण।
नई दिल्ली। शुक्रवार को इंडियन नेवी ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। नेवी ने इसके समंदर से जमीन पर मार करने में सक्षम संस्करण का सफल टेस्ट किया है।

अरुणाचल प्रदेश में तैनात होगी ब्रह्मोस
नेवी के सीनियर ऑफिसर्स की ओर बताया गया कि टेस्ट के नतीजे इच्छानुसार आए। उन्होंने जानकारी दी कि मिसाइल का टेस्ट बंगाल की खाड़ी में हुआ और यह काफी सफल रहा। आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने पिछले दिनों अरुणाचल प्रदेश में ब्रह्मोस के डेप्लॉयमेंट को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई एक मीटिंग में 4,300 करोड़ रुपए की लागत के साथ एक नई रेजीमेंट को तैयार करने और फिर उसे चीन के नजदीक अरुणाचल प्रदेश में तैनात करने की मंजूरी दी गई। वहीं सरकार ने इस बात की जानकारी देने से भी साफ इंकार कर दिया है कि देश में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल कितनी संख्या में तैनात की गई है और कहां-कहां पर तैनात है।
क्या हैं खास बातें
- इंडियन नेवी ने सात अक्टूबर 2012 को भी आईएनएस तेज से ब्रह्मोस को लांच किया था।
- ब्रह्मोस को डीआरडीओ और रूस की एनपीओ माशीनोस्ट्रोनिया मिलकर डेवलप कर रहे हैं।
- मिसाइल पनडुब्बी, जहाज, एयरक्राफ्ट या जमीन से भी लांच की जा सकती है।
- दुनिया की सबसे तेज मिसाइल जो 2.8 मैक या 3,400 प्रति घंटे की रफ्तार और 3,700 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हमला कर सकती है।
- ब्रह्मोस स्पीड में अमेरिकी सेना की मिसाइल टॉमहॉक से चार गुनी तेज है।
- इसकी रेंज 290 किमी से लेकर 300 किमी तक है।
- ब्रह्मोस का नाम दो नदियों भारत की ब्रह्मपुत्र और रूस को मोस्कवा से मिलकर बना है।
- जहाज और जमीन से लांच होने पर यह मिसाइल 200 किलो वारॅहेड्स ले जा सकती है।
- वहीं एयरक्राफ्ट से लांच होने पर 300 किलो के वॉरहेड्स ले जाने में सक्षम।
- विशेषज्ञों की मानें तो 2.8 और 3.0 मैक की स्पीड इसे इंटरसेप्ट नहीं किया सकता है।
- अगर ऐसा करना है तो दुश्मनों को अपने सिस्टम को अपग्रेड करना होगा या फिर नया सिस्टम बनाना होगा।
- ब्रह्मोस को पहली बार 12 जून 2001 में इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से लांच किया गया।
- 12 जून 2004 को इस मिसाइल को एक मोबाइल लांचर के जरिए लांच किया गया।
- भारत दुनिया का अकेला ऐसा देश है जिसके पास मन्यूवरबल सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है।












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