पीएम मोदी के जवाब में विपक्ष का 'नारा' तैयार! I.N.D.I.A. की अगली बैठक 19 को, एजेंडा जानिए
28 विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया ब्लॉक की अगली बैठक 19 दिसंबर को नई दिल्ली में होगी। कांग्रेस नेता जयराम रमेश की ओर से यह जानकारी दी गई है।
उन्होंने एक्स पर पोस्ट डालकर कहा है, 'इंडिया दलों की चौथी बैठक मंगलवार, 19 दिसंबर, 2023 को 3 बजे दिन में नई दिल्ली में होगी।'

इंडिया ब्लॉक की 6 दिसंबर की बैठक हो चुकी है रद्द
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इंडिया ब्लॉक के नेताओं की 6 दिसंबर को एक बैठक बुलाई थी। लेकिन, उस बैठक को तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी, डीएमके चीफ एमके स्टालिन और सपा प्रमुख अखिलेश यादव समेत गठबंधन के कुछ नेताओं के नहीं पहुंचने की संभावनाओं को देखते हुए रद्द करनी पड़ी थी।
भविष्य के लिए योजना तैयार करने पर नीतीश का जोर
बाद में बिहार के सीएम और जदयू के सुप्रीमो नीतीश कुमार ने खुद के नहीं पहुंचने की खबरों पर कहा था कि 'मैं चाहता हूं कि काम में प्रगति होनी चाहिए। समाचारों में कहा जा रहा था कि मैं बैठक में नहीं जाऊंगा। यह बकवास है, उस समय मुझे बुखार था, क्या यह संभव है कि मैं बैठक में नहीं जाऊंगा? गठबंधन की अगली बैठक में हमें भविष्य के लिए एक योजना तैयार करनी चाहिए।'
इस बीच संभावना है कि नई दिल्ली में होने वाली इंडिया ब्लॉक की अगली बैठक का मूल एजेंडा सीटों का बंटवारा और साझा रैलियों को लेकर कार्यक्रम तय करना हो सकता है।
'मैं नहीं, हम' हो सकता है विपक्षी गठबंधन का नारा
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा है कि '.... बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जवाब में पार्टियां एकता पर आधारित थीम (नारा) - 'मैं नहीं, हम' के साथ आगे बढ़ने का इरादा जाहिर कर सकती हैं।'
तीन राज्यों में कांग्रेस की हार के बाद बैठक
विपक्षी दलों की यह बैठक ऐसे समय में बुलाई गई है, जब राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में कांग्रेस को बीजेपी के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा है और 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले जनता ने 'मोदी की गारंटी' पर पूरा विश्वास जताया है।
अब विपक्षी दलों के सामने चुनौती बीजेपी के खिलाफ सकारात्कम वैकल्पिक चुनावी एजंडे के साथ सामने आने की है, जिसके दम पर वे लोगसभा चुनावों में भाजपा का सामना कर सकें।
ये हो सकता विपक्षी गठबंधन का एजेंडा
सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में पार्टी सीटों के बंटवारे, साझा रैलियां और सभी विपक्षी दलों के कॉमन प्रोग्राम पर चर्चा कर सकते हैं और इसके लिए योजना तैयार कर सकते हैं।
उस कांग्रेस नेता का कहना है कि 'चुनाव के परिणाम से वे मुद्दे खारिज नहीं हुए हैं, जो चुनाव अभियान के दौरान उठाए गए थे।' बता दें कि खासकर कांग्रेस ने विधानसभा चुनावों में जातिगत जनगणना और ओल्ड पेंशन स्कीम जैसे मुद्दों को ही अपना हथियार बनाया था।
हालांकि उन्होंने माना कि 2024 में भाजपा का सामना करने के लिए पार्टी कुछ अलग सोच सकती हैं, जिसमें मोदी के जवाब में 'मैं नहीं, हम' को नारा बनाया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक विपक्षी गठबंधन इस बैठक में जाति जनगणना, एमएसपी को कानूनी मान्यता देने और कामगारों को सामाजिक सुरक्षा देने के मामले पर विचार कर सकता है।
इसके अलावा महंगाई और मुद्रास्फीति को भी लोकसभा चुनावों के लिए मुद्दा बनाए रखने की कोशिश हो सकती है। यह इनके कॉमन एजेंडे में शामिल हो सकता है।
उस नेता के मुताबिक गठबंधन मनमोहन सरकार के 10 साल और मोदी सरकार के 10 साल में आम आदमी के जीवन में हुए बदलावों की तुलना कर सकता है। वहीं अडाणी के मुद्दे को भी विपक्ष फिलहाल छोड़ने के मूड में नहीं लग रहा है। (इनपुट-एएनआई,पीटीआई)












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