भारत अब देशविरोधी गतिविधियों से आजाद, जो युवा जवानों पर पत्थर फेंकते थे वह अब पंच-सरपंच: अमित शाह
गृहमंत्री अमित शाह ने उत्तर पूर्व राज्यों की सुरक्षा को लेकर कहा कि पिछले 8 वर्षों में जम्मू कश्मीर और उत्तर पूर्व राज्यों की सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हुई है। नेशनल पुलिस मेमोरियल में पुलिस कॉमरेशन डे के मौके पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि कोरोना काल में पुलिसकर्मियों ने काफी अहम भूमिका निभाई है। देश की आंतरिक सुरक्षा में सकारात्मक बदलाव हुए हैं। पहले नॉर्थईस्ट, कश्मीर और लेफ्ट विंग उग्रवाद से प्रभावित इलाकों में कई बड़ी घटनाएं होती थी। पहले सुरक्षाबलों को विशेष अधिकार पावर दी जाती थी लेकिन अब युवाओं को उनके विकास के लिए स्पेशल पॉवर दी जा रही है। इसी वजह से इन जगहों पर हिंसा में तकरीबन 70 फीसदी की कमी आई है।

जो पत्थर फेंकते थे वह अब पंच और सरपंच
अमित शाह ने कहा कि जम्मू कश्मीर में हालात यह है कि जो युवा सुरक्षाकर्मियों पर पत्थर फेंकते थे वह अब पंच और सरपंच बन गए हैं। लेफ्ट विंग उग्रवाद से प्रभावित राज्यों में अब राष्ट्रगान गाया जाता है। एकलव्य स्कूल में राष्ट्रगान गाया जाता है, इन बिल्डिगों पर राष्ट्रध्वज फहराया जा रहा है। पहले युवा पत्थर फेंकते थे अब वह सरकार द्वारा संचालित प्रोजेक्ट में हिस्सा ले रहे हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में देश की आंतरिक सुरक्षा को बेहतर करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
देशविरोधी गतिविधियों से मुक्त हो चुका है देश
सुरक्षाकर्मियों और पैरामिलिट्री के जवानों ने जो कुर्बानियां दी है उसकी वजह से देश प्रगति की राहत पर आगे बढ़ रहा है। पुलिस के जिन जवानों ने अपनी ड्यूटी के दौरान कुर्बानी दी उन्हें अमित शाह ने श्रद्धांजलि अर्पित। अमित शाह ने कहा कि देश अब लगभग देशविरोधी गतिविधियों से मुक्त हो चुका है। आज मैं इस बात को लेकर संतुष्ट हूं कि देश के अधिकतर हॉस्पॉट अब देश विरोधी गतिविधियों से मुक्त हो चुके हैं। देश हर क्षेत्र में विकास कर रहा है। देश की आजादी के 75 साल के बाद हम कह सकते हैं कि हम अपने लक्ष्य की ओर काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। लेकिन इन सभी उपलब्धियों की इमारत देश के जवानों के सर्वोच्च बलिदान की वजह से संभव हो सकी है।
35000 जवानों ने दिया बलिदान
गृहमंत्री ने कहा 35000 से अधिक पुलिसकर्मियों, सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स के जवानों ने देश की सुरक्षा में अपनी कुर्बानी दी है। मैं उन तमाम बहादुर वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मैं शहीदों के परिवार को इस बात का भरोसा दिलाना चाहता हूं कि जिन लोगों ने देश के लिए अपनी कुर्बानियां दी हैं वह व्यर्थ नहीं जाएगी। देश विकास की ओर आगे बढ़ेगा और सुरक्षा को मजबूत करता रहेगा।
पीएम मोदी ने किया उद्घाटन
आज के ही दिन 21 अक्टूबर 1959 को जब सीआरपीएफ के जवानों ने चीनी सैनिकों का सामना किया था, चीनी सैनिकों के पास ऑटोमैटिक हथियार थे, लेकिन देश के जवानों के भारत माता के लिए अपनी कुर्बानी दी। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 अक्टूबर 2018 को पुलिस स्मृति दिवस के मौके पर नेशनल पुलिस मेमोरियल का उद्घाटन किया था और इसे देश को सौंप दिया था। इसके जरिए देश के जवानों को उनकी राष्ट्रीय पहचान, गौरव, उनका क्या लक्ष्य है उसको दिखाने की कोशिश की गई है।












Click it and Unblock the Notifications