ह्यूमन कैपिटल इंडेक्स में भारत का 116वां स्थान, 2018 की तुलना में बढ़ा स्कोर
नई दिल्ली: वर्ल्ड बैंक ने ह्यूमन कैपिटल इंडेक्स 2020 के आंकड़े जारी कर दिए हैं, जिसमें भारत को 116वां स्थान मिला है। इस इंडेक्स में 2018 की तुलना में भारत की स्थिति में सुधार देखने को मिला है। उस साल भारत का स्कोर 0.44 था, जो अब बढ़कर 0.49 हो गया है। इससे पहले भारत सरकार ने इस इंडेक्स की रैकिंग को लेकर सवाल उठाए थे।
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वर्ल्ड बैंक के मुताबिक उन्होंने 174 देशों को इस इंडेक्स में शामिल किया है। साथ ही उनके स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े मार्च 2020 तक के आंकड़ों का अध्ययन किया गया। इस रिपोर्ट से वर्ल्ड बैंक को पता चला कि महामारी से पहले अधिकांश देशों ने बच्चों की मानव पूंजी के निर्माण में लगातार प्रगति की थी। ये प्रगति कम आय वाले देशों में ज्यादा देखने को मिली। उनके मुताबिक विभिन्न देशों द्वारा की गई प्रगति के बावजूद किसी टिपिकल देश में जन्म लेने वाले बच्चे के अपनी क्षमता के करीब 56 फीसदी की मानव पूंजी ही हासिल कर पाने की संभावना होती है। यहां मानव पूंजी का मतलब शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर है।
वर्ल्ड बैंक की ह्यूमन डेवलपमेंट की चीफ इकोनॉमिस्ट रोबर्टा गाटी के मुताबिक उनकी टीम ने इंडेक्स को सुधारने के लिए कुछ क्लाइंट देशों के साथ सीधे मिलकर काम किया। जिसमें भारत भी शामिल है। वहीं ह्यूमन डेवलपमेंट ग्रुप की वाइस प्रेसिडेंट ममता मुर्थी ने बताया कि ये रिपोर्ट सरकारों को एक बेस प्रदान करती हैं। भारत सरकार भी चाहे तो इसके आधार पर ह्यूमन कैपिटल को सुधारने के लिए अपनी प्राथमिकताओं में बदलाव कर सकती है।
पहले की रिपोर्ट खारिज कर चुकी है भारत सरकार
आपको बता दें कि 2018 ह्यूमन कैपिटल इंडेक्स में 157 देश शामिल हुआ थे, जिसमें भारत का 115वां स्थान था। इस लिस्ट में नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार और बांग्लादेश जैसे देश भी भारत से ऊपर थे। जिसके बाद भारत सरकार ने इस रिपोर्ट को खारिज कर दिया था। उस दौरान तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि भारत सरकार ने मानव सूची सूचकांक की रिपोर्ट को खारिज करने का फैसला लिया है क्योंकि इसमे मानव पूंजी को बढ़ाने के लिए भारत सरकार के अहम प्रयासों को नजरअंदाज किया गया है।












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