फारूक अब्दुल्ला का विवादित बयान, 'पाक की त्रासदी के लिए भारत भी बराबर का जिम्मेदार'
अपने बयानों को लेकर अक्सर विवादों में रहने वाले नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है।
श्रीनगर। अपने बयानों को लेकर अक्सर विवादों में रहने वाले नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। फारूक अब्दुल्ला ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पाकिस्तान की त्रासदी के लिए भारत भी बराबर का जिम्मेदार है। फारूक अब्दुल्ला के इस बयान को लेकर विवाद शुरू हो गया है। आपको बता दें कि इससे पहले हाल ही में अब्दुल्ला ने पीओके को पाकिस्तान का हिस्सा बताया था।

एकतरफा नहीं है मामला
फारूक अब्दुल्ला ने रविवार को श्रीनगर में कहा, ‘हमारे पड़ोसी देश की अपनी नफरत है। वो सोचते हैं कि हमने बांग्लादेश को अलग कर पाकिस्तान को बांटा है। हम लोग बांटने वाले नहीं हैं। यह त्रासदी तो उसी देश में मौजूद है। यह हमारा पैदा की हुई नहीं है। हालांकि इस संकट से हम आज भी जूझ रहे हैं। यह बिल्कुल ना कहें कि हम उनके संकट में शामिल नहीं रहे हैं। जितना वे हमारी त्रासदी में शामिल हैं, उतना ही हम उनके संकट में शामिल हैं। यह कोई एकतरफा नहीं है।'

अटल बिहारी वाजपेयी का किया जिक्र
फारूक अब्दुल्ला ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के एक बयान का जिक्र करते हुए कहा कि भारत की मौजूदा सरकार को भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों का एक सेतु बनाने की दिशा में काम करना चाहिए। अब्दुल्ला ने कहा, 'मुझे आज भी वाजपेयी के वो शब्द याद हैं जो उन्होंने पाकिस्तान में सीमा पर कहे थे। उन्होंने कहा था कि दोस्तों को बदला जा सकता है, लेकिन पड़ोसियों को नहीं बदला जा सकता। या तो आप पड़ोसियों के साथ शांति और प्रगति के साथ रह सकते हैं या फिर दुश्मन बनकर और एक दूसरे को नुकसान पहुंचाकर, जो दोनों में से किसी के लिए अच्छा नहीं होगा।'

आतंकवाद से मिलकर लड़ें दोनों देश
फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि यही बात मैं हमारे वर्तमान प्रधानमंत्री से कहना चाहूंगा कि हमें संबंधों का सेतु बनाना चाहिए। इसके अलावा, अब्दुल्ला ने दोनों देशों को आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए एक साथ आने पर भी जोर दिया। फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि बैंकॉक में भारत और पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की मुलाकात हुई। अगर आतंकवाद है तो यह जरूरी है कि दोनों देश एक साथ आएं और मिलकर इस मुद्दे पर चर्चा करें।












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