India-China tension: कमांडर्स की मीटिंग पर चीन की तरफ से आया पहला बयान, मतभेदों को लेकर कही यह बात
बीजिंग। चीन की तरफ से सोमवार को भारत के साथ जारी सैन्य टकराव पर बयान दिया गया है। लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) के लद्दाख स्थित वेस्टर्न सेक्टर में पिछले एक माह से तनाव चल रहा है। चीन ने कहा है कि शनिवार को दोनों देशों की सेनाएं इस नतीजे पर पहुंची है कि मतभेदों को विवाद में तब्दील नहीं करने देना चाहिए। शनिवार को दोनों देशों की सेनाओं के बीच कमांडर स्तर की वार्ता हुई थी।

अक्टूबर में हुई थी जिनपिंग-मोदी की मीटिंग
चीन के विदेश मंत्रालय की तरफ से शनिवार को मोल्डो में हुई मीटिंग पर संक्षिप्त टिप्पणी की गई है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि दोनों पक्ष इस बात पर राजी हूए हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच जो निष्कर्ष निकला था, उसे लागू किया जाए। दोनों ही इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि मतभेदों को विवाद में बनने देना चाहिए। पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच पिछले वर्ष अक्टूबर में चेन्नई में अनौपचारिक मुलाकात हुई थी। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने सोमवार को नियमित तौर पर होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत-चीन टकराव पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, 'चुशुल-मोल्डो क्षेत्र में छह जून को चीन और भारत के कमांडर्स की एक मीटिंग हुई थी। दोनों पक्षों ने इस दौरान विचार-विमर्श किया है।'
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चीन बोला-स्थिति नियंत्रण में
उन्होंने इस पर कहा, 'हाल ही में राजनयिक और सैन्य माध्यमों से दोनों पक्षों के सीमा पर स्थिति के मद्देनजर करीबी संपर्क बना हुआ है। वार्ता में एक निष्कर्ष पर दोनों पक्ष पहुंचे हैं कि इस बात को सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि विवाद को आगे नहीं बढ़ने देना है। दोनों पक्ष अच्छे माहौल का निर्माण करेंगे और बॉर्डर पर शांति और स्थिरता को बनाए रखने की दिशा में काम करेंगे।' हुआ ने आगे कहा, 'फिलहाल स्थिति स्थिर है और नियंत्रण में है और दोनों पक्ष इस मुद्दे को सुलझाने को सही तरह से सुलझाने के लिए बात करने के लिए तैयार हैं।'

भारत की तरफ से भी ऐसा ही बयान
चीन के विदेश मंत्रालय की तरफ से आया बयान, रविवार को भारत के विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान जैसा ही लगता है। भारत और चीन के चुशुल-मोल्डो स्थित बॉर्डर प्वाइंट पर मैराथन मीटिंग हुई थी। इस मीटिंग के बाद विदेश मंत्रालय की तरफ से जो बयान जारी किया गया उसमें कहा गया, ' दोनों पक्षों के बीच एक सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण माहौल में वार्ता हुई है। दोनों पक्ष इस बात पर रजामंद हुए हैं कि सीमा के इलाकों पर शांति और स्थिरता कायम रखने के लिए सैन्य और राजनयिक स्तर पर बातचीत जारी है।' विदेश मंत्रालय के बयान में दोनों देशों के नेताओं के बीच हुए समझौते को भी जिक्र किया है।

शुक्रवार को मिले दोनों देशों के राजनयिक
शुक्रवार को विदेश मंत्रालय में ज्वॉइन्ट सेक्रेटरी (ईस्ट एशिया) नवीन श्रीवास्तव ने अपने चीन के विदेश मंत्रालय में डायरेक्टर जनरल वु जियानघाओ के साथ बात की थी। दोनों राजनयिकों के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई वार्ता में द्विपक्षीय संबंधों को आकलन करने की बात कही गई थी जिसमें वर्तमान हालात भी शामिल थे। एलएसी पर जारी संकट के बीच दोनों देशों के बीच यह पहली औपचारिक राजनयिक स्तर की मुलाकात थी।












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