India-China standoff: लद्दाख में 2.5 किलोमीटर पीछे हटे चीनी सैनिक, गलवान इलाका खाली किया
नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर जारी तनाव पर एक बड़ी खबर आ रही है। सूत्रों के हवाले से न्यूज एजेंसी एएनआई ने जानकारी दी है कि लद्दाख में अब कई बिंदुओं से भारत और चीन के सैनिक चले गए हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई ने बताया है कि पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) के सैनिक गलवान इलाके, पेट्रोलिंग प्वाइंट 15 और हॉट स्प्रिंग्स एरिया से 2.5 किलोमीटर पीछे चले गए हैं। भारत ने भी अपने कुछ जवान अब वापस बुला लिए हैं।
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चीन ने हटाए अपने मिलिट्री उपकरण
सूत्रों की ओर से बताया गया है जवानों के साथ ही सारे सैन्य वाहन और बाकी उपकरण भी हटा लिए गए हैं। कहा जा रहा है कि पूर्वी लद्दाख में गलवान इलाके से चीनी सैनिकों का जाना शुरू हो गया है। गलवान इलाका, पूर्वी लद्दाख का वह हिस्सा है जहां पर दोनों देशों के सैनिक आमने-सामने थे। सरकार से जुड़े सूत्रों की मानें तो जवानों को वापस बुलाने की प्रक्रिया सोमवार देर रात और मंगलवार तड़के जारी थी। सोमवार को यह खबर आई थी कि जिन प्वाइंट्स पर टकराव हो रहा है वहां पर शनिवार को मिलिट्री कमांडर्स के बीच हुई वार्ता के अब कोई गतिविधि नहीं हो रही है। सूत्रों के मुताबिक जब चीन ने अपने सैनिक हटाए तो उसकी प्रतिक्रिया में भारत की तरफ से भी कुछ जवानों को वापस बुलाया गया। सोमवार को भी दोनों देशों के बीच ब्रिगेडियर स्तर की वार्ता हुई थी।

अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है टकराव
शनिवार को मिलिट्री कमांडर्स स्तर की जो वार्ता हुई उसे सेना के 14 कोर के कमांडर ले. जनरल हरिंदर सिंह लीड कर रहे थे। भारत की तरफ से चीन के सामने पांच मांग रखी गई थीं। इसमें फिंगर 4, पेट्रोलिंग प्वाइंट (पीपी) 14, पीपी 15, पीपी 17A से जवानों को हटाने के साथ ही दोनों तरफ से 20 किलोमीटर तक के इलाके से जवानों को हटाने की मांग की गई थी। भारत ने कहा है कि अप्रैल 2020 वाली स्थिति को एलएसी पर कायम किया जाए। ऐसे में अभी टकराव खत्म नहीं हुआ है। अब जल्द ही एक और राउंड वार्ता होने वाली है और माना जा रहा है कि इस दौरान कोई हल निकल सकता है।

मई के पहले हफ्ते से जवान भेज रहा था चीन
सूत्रों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक चीनी सेना ने एलएसी में गलवान नाला इलाके में मई के पहले हफ्ते में अपने जवान भेजने शुरू कर दिए थे। चीनी जवान भारत की सीमा के काफी अंदर तक दाखिल होकर भारत की सीमा पर अपना दावा करना चाहते थे। शुरुआत में प्रतिक्रिया में बाधा आई लेकिन जवानों की जल्द तैनाती ने चीन की योजनाओं को विफल कर दिया। अतिरिक्त जवानों की तैनाती से संवेदनशील बिंदुओं पर भारत का दावा मजबूत हुआ। साथ ही चीनी सेना के जवान बहुत अंदर तक घुसपैठ नहीं कर पाए। चीनी जवान, गलवान नाला के जरिए सीमा में दाखिल हो गए थे और वह पेट्रोलिंग प्वाइंट 14 के करीब स्थित थे। यह प्वाइंट दौलत बेग ओल्डी इलाके में आता है।

गलवान नाले पर पुल से परेशान है चीन
गलवान नाले पर बन रहा है एक पुल सेना इस समय गलवान नाले के करीब पेट्रोलिंग प्वाइंट पर एक ब्रिज का निर्माण कर रही है। भारत ने पुल के करीब जवानों की दो कंपनियां तैनात कर रखी हैं। सूत्रों का कहना है कि चीनी सेना को सड़क निर्माण से खतरा महसूस होने लगा है। इस बीच एक मिलिट्री टीम लद्दाख पहुंच चुकी है। सूत्रों के मुताबिक मिलिट्री टीम के सदस्य चुशुल में हैं और वार्ता की तैयारी कर रहे हैं जिसके अगले कुछ दिनों में होने की संभावना है।' कहा जा रहा है कि इस टीम को सभी तरह के निर्देश आर्मी हेडक्वार्ट्स दे दिए गए हैं। साथ ही सरकारी अधिकारी उस प्रस्ताव में मदद कर रहे हैं जो मसला हल करने में मदद कर सकता है।

भारत और चीन के बीच हुई थी वार्ता
भारत और चीन के चुशुल-मोल्डो स्थित बॉर्डर प्वाइंट पर मैराथन मीटिंग हुई थी। इस मीटिंग के बाद विदेश मंत्रालय की तरफ से जो बयान जारी किया गया उसमें कहा गया, ' दोनों पक्षों के बीच एक सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण माहौल में वार्ता हुई है। दोनों पक्ष इस बात पर रजामंद हुए हैं कि सीमा के इलाकों पर शांति और स्थिरता कायम रखने के लिए सैन्य और राजनयिक स्तर पर बातचीत जारी है।' चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने सोमवार को कहा था कि बॉर्डर पर हालात स्थिर है और नियंत्रण में है और दोनों पक्ष इस मुद्दे को सुलझाने को सही तरह से सुलझाने के लिए बात करने के लिए तैयार हैं।












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