भारत-चीन सीमा विवाद: दोनों देशों के राजनयिकों के बीच जल्द शुरू होगी बातचीत
नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर चीन की तरफ मोल्डो में आज हुई कोर कमांडर स्तर की वार्ता बेनतीजा खत्म हो गई है। अब माना जा रहा है कि, सीमा विवाद को लेकर भारत और चीन के बीच राजनयिक स्तर की वार्ता शुरू होगी। समाचार एजेंसी एएनआई की खबर के मुताबिक दोनों देशों के राजनयिकों के बीच बातचीत के लिए फिलहाल समय तय नहीं किया गया है लेकिन इसकी प्रक्रिया जारी है।

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लद्दाख में सैन्य स्तर की वार्ता के बाद अब दोनों देश राजनयिक स्तर की वार्ता जल्द करने वाले हैं। दोनों पक्षों के अधिकारी बातचीत के लिए एक कार्यक्रम निर्धारित कर रहे हैं और जल्द ही एक बैठक हो सकती है। यह वार्ता संयुक्त सचिव-स्तर सहित कई स्तरों पर हो सकती है। इस बीच, विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके चीनी समकक्ष वांग यी मंगलवार को वर्चुअल आरआईसी (रूस, भारत, चीन) की बैठक में शामिल होंगे। रूस बैठक की मेजबानी कर रहा है।
यह बैठक बहुपक्षीय एजेंडा पर होगी जिसमें सीओवीआईडी -19 पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। वहीं गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुए हिंसक संघर्ष की पृष्ठभूमि में कूटनीतिक वार्ता की योजना बनाई जा रही है। बता दें कि, चीन और उसके मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स पूरी गलवान घाटी पर दावा कर रहे हैं। भारत ने कहा है कि गलवान घाटी पर चीन का दावा अतिरंजित और अस्वीकार्य है।
वहीं पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी के पास एलएसी पर तनाव बरकरार है। इसी बीच सेना प्रमुख एमएम नरवणे ने आज दिल्ली में सेना के शीर्ष कमांडरों के साथ लद्दाख की सुरक्षा स्थिति को लेकर एक अहम बैठक की है। इसी बीच ऐसी भी खबरें आ रही हैं कि, इसी हफ्ते सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे लद्दाख की मौजूदा स्थिति, ग्राउंड के हालातों की जानकारी लेने के लिए जा सकते हैं।












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